महाराष्ट्र में लाउडस्पीकर विवाद अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने देर शाम ऐलान कर दिया है कि 4 मार्च को मस्जिदों के बाहर अजान हुई तो उसके सामने हनुमान चालीसा का पाठ किया जाएगा। हनुमान चालीसा को लेकर पूरे देश में जबरदस्त घमासान मचा हुआ है और इसी वजह से यह मामला देशव्यापी बन चुका है। इस मामले में राज ठाकरे के खिलाफ औरंगाबाद में एक एफआईआर दर्ज हुई जिसमें भड़काऊ भाषण देने का आरोप लगा है।
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राजे ठाकरे के इस एलान के बाद सीएम ठाकरे ने साफ शब्दों में कहा दिया है कि अगर किसी प्रकार हिंसा हुई तो कार्यवाही करने में किसी पर देरी नहीं की जाएगी। मनसे नेताओं को चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अगर गड़बड़ी की अथवा सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया तो नुकसान की वसूली उनसे की जाएगी। राज ठाकरे के ऐलान ने सरकार और प्रशासन नींद उड़ा दी है।
उन्होंने कहा हम शांति भंग नहीं करना चाहते हैं लेकिन हम कोई दंगा नहीं चाहते है। अगर लाउडस्पीकर की बात पर ध्यान नहीं दिया गया तो हमारा लक्ष्य बदलेगा नहीं। जिन लोगों ने मस्जिदों पर लगे लाउडस्पीकर को उतारने का फैसला लिया है वह स्वागत योग्य है। राज ठाकरे ने पीएम भाई उद्धव को कहा, 'मैं मुख्यमंत्री से अपील करता हूं कि सालों पहले शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे ने कहा था कि सभी लाउडस्पीकरों को बंद करने की जरूरत है। हनुमान चालीसा विवाद में सांसद नवनीत राणा, पति और विधायक रवि राणा को गिरफ्तारी किया गया था। इसके बाद यह मामला कोर्ट में गया तो लगभग 11 दिन दोनों को जमानत मिली है और इसी वजह से हनुमान चालीसा पर आने वाले दिनों में जमकर बवाल मचने वाला है।
