दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश कह जाने वाले भारत देश में संसद को सबसे बड़ा स्थान मिला है और इसी जगह बैठकर जनता द्वारा चुने गए उम्मीदवार जनता के सपनों को पूरा करने का काम करते है। देश को आजादी मिले 75 साल पूरे होने जा रहे हैं और आज भी लोग अपना नेता अपने एक वोट की ताकत से चुनते है जो उनकी सबसे बड़ी ताकत होती है।
लेकिन इस बार संसद में एक ऐसा नजारा देखने को मिलेगा जो बहुत कम बार देखने को मिलता है और यह सौभाग्य राजस्थान की जनता को मिलने जा रहा है। उपराष्ट्रपति का चुनाव पूरा हो गया है और एनडीए के उम्मीदवार जगदीप धनखड़ का जीतना तय है।
लेकिन इस बार संसद के दोनों सदनों राज्यसभा और लोकसभा में राजस्थान के दो नेताओं को अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी मिलेगी। कोटा से सांसद ओम बिड़ला पहले ही लोकसभा अध्यक्ष के पद पर आसीन है तो अब राज्यसभा में भी उपराष्ट्रपति के रूप में जगदीप धनखड़ अध्यक्ष पद पर आसीन होंगे।
इन दोनों के अध्यक्ष पद पर आसानी होने से प्रदेश की जनता में खुशी की लहर है और प्रदेश में कांग्रेस की सरकार होने के बाद भी सीएम गहलोत ने इस पर ख्ुाशी जताई है। उन्होंने कहा कि ऐसा होना प्रदेश के लिए अच्छी बात है और दोनों अध्यक्ष प्रदेश को आगे बढ़ाने के लिए भरपूर कोशिश करेंगे।
राजस्थान के लोग लंबे समय से राजस्थानी भाषा को मान्यता दिलाने के लिए प्रयास कर रहे हैं लेकिन इन दोनों नेताओं के होने से जल्द ही प्रदेशवासियों को तौहफा मिल सकता है।
