देश में कोरोना के मामलों की बढ़ती रफ्तार ने तीसरी लहर का संकेत दे दिया है और आने वाले दिनों में इसी तहर ग्राफ बढ़ता रहा तो जनवरी के अंत तक तीसरी लहर अपनी चरम सीमा पर पहुंच जाएगी। कोरोना के साथ ओमिक्रॉन के मरीजों का आंकड़ा भी बहुत तेजी से बढ़ रहा है और दुनिया के लगभग 125 से ज्यादा देशों में अपना विकराल रूप धारण कर चुका है। दुनिया के कई देशों में तो तीसरी लहर आ चुकी है और भारत में तीसरी लहर शुरू होने की कगार पर है।
बच्चों के वैक्सीनेशन के लिए शुरू हुआ रजिस्ट्रेशन, जानें कौन सी लगेगी वैक्सीन
भारत में 24 घंटों में ही 30 हजार से अधिक कोरोना संक्रमण के नए मामले आने के बाद तीसरी लहर का खतरा बढ़ गया है। ओमिक्रॉन के मामलों ने भी रफ्तार पकड़नी शुरू कर दी है और देश में इनकी संख्या 1525 के पार हो चुकी है। महाराष्ट्र, बिहार, बंगाल और राजधानी दिल्ली में केस तेजी से बढ़ रहे हैं।
वैज्ञानिक ने कहा कि चुनाव के दौरान होने वाली रैलियां कोरोना संक्रमण को तेजी से फैलाने का काम कर रही है। जनवरी में तीसरी लहर शुरू होगी जो फरवरी में अपनी चरम सीमा पर होगी अप्रैल तक तीसरी लहर खत्म हो जाएगी। कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच बच्चों के वैक्सीन रजिस्ट्रेशन में ज्यादा उत्साह नजर नहीं आ रहा है।
देश में 10 करोड़ बच्चों का वैक्सीनेशन होना है लेकिन कोरोना टीका लगाए जाने के लिए रविवार रात 11 बजे तक 15 से 18 साल तक के 7 लाख बच्चों ने ही रजिस्ट्रेशन कराया है। अगर इस तरह ही चलता रहा है तो तीसरी लहर में बच्चों की जान जाने का खतरा ज्याद होगा। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने पहले ही चेतावनी जारी करते हुए कहा कि नए साल में कोरोना की तीसरी लहर आएगी जो बहुत खतरनाक साबित हो सकती है।
