कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के खतरे को देखते हुए पुरी दुनिया इसको लेकर कई प्रकार के खुलासे कर रही है। भारत में भी इस बीमारी के कई मरीज देखने को मिले है और इन मरीजों में विशेष प्रकार के लक्षण तो नहीं दिखे इसके बाद भी वह इस वायरस की चपेट में आये हैं। इस वायरस में सामान्य बीमारी की तरह ही लक्षण दिखाई देते है और इस वजह से इस वायरस की पहचान करना आसान काम नहीं है।
जिन लोगों को हार्ट, बीपी और शुगर जैसी बीमारियों ने जकड़ रखा है उन लोगों को ये वायरस बहुत जल्दी चपेट में लेता है। इस वायरस का प्रभाव बहुत तेजी से लोगों में फैलता है और इस वजह से इसे रोकना आसान काम नहीं है। इस वायरस के कारण अभी मौत होने के माामले बहुत ही कम है तो इस वजह से वायरस का जानलेवा नहीं होना अच्छी खबर है। जिन लोगों की इम्यूनिटी पावर कम है उनको तो इस वायरस से बचकर ही रहना होगा।
इस वायसर का पता आसानी से नहीं चलता है और इसके लिए जांच के बाद ही इसका पता चलता है। भारत में कोरोना की वैक्सीन ले चुके लोगों में इसका असर ज्यादा नहीं दिखाई देगा क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बहुत ज्यादा हो गयी है। इस वायरस के गंभीर लक्षण 6 से 7 सप्ताह बाद दिखाई देते हैं।
वैक्सीन नहीं लेने वाले लोगों पर ओमिक्रॉन ज्यादा प्रभाव डालता है। इस बार लोगों को ढिलाई बरतने की जरूरत नहीं है क्योंकि इस वायरस के कारण भारत में तीसरी लहर आ सकती है। मास्क लगाकर रखें, हाथ धोएं, भीड़ से बचें और वैक्सीन जरूर लगवाये। सामान्य बूखार या गला खराब होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
