इन दिनों पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की रातों की नीद उड़ी हुई है और अपनी सरकार को बचाने के लिए बड़ी बड़ी बाते कर रहे हैं। इमरान ने रूस और यूक्रेन की जंग में रूस का खुलकर समर्थन किया था और इसके बाद से ही उनकी चिंता बढ़ती जा रही है। इमरान की सरकार गिराने के लिए तीन विपक्षी दलों ने सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ला दिया है। विपक्ष के प्रस्ताव से इमरान भड़के उठे और विपक्ष के नेताओं को डकैत बताया।
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इसके बाद कहा मैं एक इनस्विंग यॉर्कर से तीनों विकेट गिरा दुंगा। पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज के अध्यक्ष शहबाज शरीफ, पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के सह अध्यक्ष आसिफ अली जरदारी और जमीयत उलेमा-ए-फज्ल के अध्यक्ष मौलाना फजलुर रहमान को कठपुतली करार देते हुए कहा कि कभी ये नेता पाकिस्तान के हितों की बात नहीं करते हैं।
उन्होंने कहा मैं उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों को बंद नहीं करूंगा तो वे मेरी सरकार गिरा देंगे। लेकिन मैं अपनी जान तक देने के लिए तैयार हुं पर इन केसों को बंद नहीं करूंगा। यह बात किसी से छूपी हुई नहीं है कि इमरान की सरकार पर खतरा मंडरा रहा है और कभी भी उनकी सरकार गिर सकती है।
अगर इमरान को सेना का समर्थन नहीं है तो सरकार गिरान तय है लेकिन सेना साथ है तो विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव खारिज हो जाएगा।विपक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री इमरान खान को अपने विरोधियों को निशाना बनाने से पहले आत्ममंथन करना चाहिए। उनके गलत फैसलों के कारण पूरा देश कगाली की तरफ बढ़ रहा है।
