आपने अक्सर विमानों के इमरजेंसी लैंडिग की खबरें सुनी होगी, कोई तकनीक खराबी की वजह से तो कोई बर्ड हिट की वजह से इमरजेंसी लैंडिग होती है, बर्ड हिट यानी जब किसी उड़ते विमान से पक्षी टकरा जाता है तो इस स्थिति में भी विमान की इमरजेंसी लैंडिग की जाती है, 19 जून को पटना में भी जो इमरजेंसी लैंडिग हुई उसका कारण बर्ड हिट बताया जा रहा है, तो आखिर एक छोटे से पक्षी के विमान से टकराने पर इतने बड़े भारी विमान को क्या नुकसान हो सकता है ये आपके जानने का विषय है।

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बर्ड हिट’ के ज्यादातर मामलों में पक्षी किसी प्लेन के सामने से या किनारे से टकराता है। इस दौरान प्लेन के विंग से पक्षियों के टकराने की आशंका ज्यादा होती है। जब चिड़िया प्लेन के विंडशील्ड से टकराती है तो इसमें दरार आ जाती है। इसकी वजह से केबिन के अंदर हवा के दबाव में अंतर होता है। एक रिपोर्ट के अनुसार 1.8 किलो का एक पक्षी जब किसी तेज रफ्तार विमान से टकराता है तो 3,50,000 न्यूटन फोर्स पैदा होता है ये बुलेट की तुलना में करीब 130 गुना ज्यादा भयानक टकराहट होती है। वैसे तो विमान को ‘बर्ड हिट’ से बचाने के लिए बहुत सी सावधानियां रखी जाती हैं, लेकिन जब प्लेन के टर्बाइन से टकराकर पक्षी विमान के इंजन में फंसता है तो इससे हादसे का खतरा बढ़ जाता है।

ICAO के 91 देशों पर सर्वे पर अनुसार हर रोज 34 ‘बर्ड हिट’ के मामले दुनिया भर में सामने आते हैं। इसकी वजह से करीब 7.79 हजार करोड़ रुपए का सालाना नुकसान होता है। दुनिया के कई बड़े एयरपोर्ट पर विमान को बर्ड हिट से बचाने के लिए शूटर की नियुक्ति की जाती है। सिंगापुर एयरपोर्ट पर तो बर्ड हिट से बचने के लिए और पक्षियों को भगाने के लिए वैन तैनात की गई है तो सूरत एयरपोर्ट पर पक्षियों को भगाने के लिए लेजर लाइट, लेजर गन का सहारा लिया जा रहा है।

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साल 2009 में हुई एक घटना ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा था, US एयरवेज फ्लाइट के न्यूयॉर्क सिटी से उड़ान भरते ही एक पक्षी से टकरा गया था, जिससे विमान के इंजन में आग लग गई और पायलट ने खतरे को देखते हुए विमान को हडसन नदी में लैंड करा दिया था जिससे यात्रियों की जान बच पाई थी।