Monday, 5 October 2026
अभी का दौर

मंत्री पद की रेस में सबसे आगे है ये चेहरे, कल शाम 4 बजे होगा शपथ समारोह

आपणो राजस्थान
मंत्री पद की रेस में सबसे आगे है ये चेहरे, कल शाम 4 बजे होगा शपथ समारोह
राजस्थान में गहलोत सरकार का पहला मंत्रिमंडल विस्तार 21 नवंबर को होने जा रहा है और कल शाम 4 बजे होगा शपथ समारोह का आयोजन किया जाएगा। इस समारोह को लेकर राजभवन में तैयारियां शुरू हो गयी है और आज शाम सीएम गहलोत ने अपने मंत्रिपरिषद की बैठक भी बुलाई है। गहलोत सरकार के 3 मंत्रियों ने एक पद की नीति के तहत मंत्री पद से इस्तीफा दिया और इसकी जानकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी को दी है और इसके बाद गहलोत मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री सहित 21 सदस्य के रहने के कारण 12 मंत्री पद खाली है। नये मंत्रिमंडल में जातिगत समीकरणों को ध्यान में रखते हुए जाट,राजपूत,एससी और एसटी कोटे के विधायकों को मंत्री पद दिया जा सकता है। राजनीति के जानकार तो इस बात का भी दावा कर रहे हैं कि आज की बैठक के बाद सभी का इस्तीफा लिया जा सकता है और एक बार नये सिरे से मंत्रिमंडल का गठन किया जा सकता है।
गहलोत गुट के 3 मंत्रियों के इस्तीफे के बाद सीएम गहलोत अपने करीबी विधायकों को कम से कम 5 मंत्री पद देने की कोशिश करेंगे।
गहलोत गुट में इन विधायकों के नाम मंत्री पद की रेस में सबसे आगे चल रहे हैं—
महेन्द्रजीत सिंह मालवीय
शकुंतला रावत— महिला चेहरे के तौर पर इनका नाम इस लिस्ट में है।
खिलाड़ी लाल बैरवा— दलित चेहरे के तौर पर इनका नाम इस लिस्ट में है।
रामलाल जाट— सीएम गहलोत के बहुत करीबी माने जाते है।
गोविंद राम मेघवाल— बीकानेर से बड़ा दलित चेहरे के रूप में।
महेश जोशी— सीएम गहलोत के सबसे करीबी और संकट के समय उनके सबसे बड़े सहयोगी।
राकेश पारीक— सीएम गहलोत के सबसे करीबी माने जाते है।

पायलट गुट— इस दिन का पायलट गुट बड़ी बेसब्री से इंतजार कर रहा था और इस नये फेरबदल में पायलट गुट की सरकार में वापसी होगी। इस बार पायलट सरकार में कोई बड़ी जिम्मेदारी नहीं लेंगे लेकिन वह अपने गुट के विधायकों को बड़ी जिम्मेदारी दिलाने का प्रयास करेंगे। पायलट आज दोपहर तक दिल्ली से लौट आएंगे और इसे बाद वह माकन से मुलाकत करेंगे।
पायलट गुट से इन विधायकों के नाम सबसे आगे है जिन्हें पद दिया जा सकता है।
हेमाराम चौधरी— पायलट गुट के सबसे वफादार और जाट नेता।
वेदप्रकाश सोलंकी— पायलट कैम्प के साथ दलित चेहरा।
मूरारी लाल मीणा— पूर्व मंत्री व मीणा समाज में अच्छी पकड़।
विश्वेंद्र सिंह—पूर्व मंत्री भरतपुर में अच्छी पकड़।
गजेंद्र सिंह शक्तावत— राजपूत समाज में अच्छी पकड़।
इंद्राज गुर्जर— गुर्जर समाज से आने का मिलेगा फायदा।
बृजेंद्र सिंह ओला
निर्दलीय विधायक— गहलोत सरकार पर जब खतरा मंडराया था तो निर्दलीय विधायकों ने खुलकर गहलोत सरकार का समर्थन किया था जिसमें कांग्रेस के पूर्व मंत्री बाबू लाल नागर और संयम लोढ़ा का नाम आता है।
निर्दलीय विधायक
बाबू लाल नागर
संयम लोढ़ा
महादेव सिंह खंडेला
बसपा से कांग्रेस में आए विधायक
राजेन्द्र सिंह गुढ़ा
संदीप यादव