Monday, 5 October 2026
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राजपूताना की 22 रियासतों को मिलाने से हुआ था राजस्थान का निर्माण,जानें पूरा इतिहास

रेसिपी
राजपूताना की 22 रियासतों को मिलाने से हुआ था राजस्थान का निर्माण,जानें पूरा इतिहास

30 मार्च को राजस्थान दिवस मनाया जाता है और साल 1949 में आज ही के दिन 22 रियासतों को मिलाकर राजस्थान का निर्माण हुआ था। वर्तमान समय में क्षेत्रफल के हिसाब से राजस्थान देश का सबसे बड़ा राज्य है जबकि जनसंख्या के लिहाज से 7वां सबसे बड़ा राज्य है।आजादी से पहले राजस्थान को राजपूताना के नाम से जाना जाता था लेकिन आजादी के बाद राजपूताना में 19 रियासतें और 3 ठिकाने थे। इनको मिलाकर 30 मार्च 1949 को राजस्थान का जन्म हुआ।

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सभी रियासतों का एकीकरण सात चरणों में पूरा किया और इसमे 8 साल 7 महीने 14 दिन का समय लगा था।19 रियासतें 3 ठिकाने- लावा(जयपुर), कुशलगढ़(बांसवाड़ा) व नीमराना(अलवर) तथा एक चीफशिफ अजमेर-मेरवाड़ा था। इसकी शुरुआत 18 अप्रैल 1948 को अलवर, भरतपुर, धौलपुर और करौली रियासतों के विलय से हुई। 30 मार्च 1949 को जोधपुर, जयपुर, जैसलमेर और बीकानेर रियासतों के विलय से “वृहत्तर राजस्थान संघ” बना और इसी वजह से राजस्थान स्थापना दिवस मनाया जाता है। इस एकीकरण में सबसे बड़ा योगदान सरदार वल्लभभाई पटेल का माना जाता है।


उस समय कुछ ऐसी रियासते थी जो पाकिस्तान में मिलना चाहती थी या कुछ स्वंतत्र रहना चाहती थी। लेकिन पटेल के आगे उनकी चाल नहीं चली और सभी को मिलाकर सबसे बड़ा प्रदेश बना दिया। पं. जवाहरलाल नेहरू ने 18 अप्रैल, 1948 को संघ का उद्घाटन किया था। वर्तमान में राजस्थान को सात सम्भागों में बांट रखा है। वर्तमान में 33 जिले, 352 पंचायत समितियां, 11 हजार 341 ग्राम पंचायतें, 44 हजार 981 आबाद गांव, 213 शहरी निकाय और नगरीय क्षेत्र हैं। विधान सभा की 200 और लोक सभा के 25 सीटें हैं और आने वाले समय में जीलों की संख्या बढ़ने की संभावना है।