राजस्थान में शराब की दुकाने नीलामी में नहीं उठने के कारण सरकार को बड़ा नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसके कारण सरकार के राजस्व को भारी नुकसान हुआ है और इसी वजह से नीलाम नहीं हुए ठेके को का संचालन अब आबकारी विभाग खुद करेगा।
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सरकार ने फैसला किया है कि बंद ठेकों का संचालन अब सरकारी कर्मचारी करेंगे। खबर के अनुसार बताया जा रहा है कि जयपुर में लगभग 100 दुकानों को राजस्थान स्टेट बेवरेज कॉरपोरेशन (आरएसबीसीएल), गंगानगर शुगर मिल (जीएसएम) और राजस्थान पर्यटन निगम (आरटीडीसी) को देने की तैयारी है। इन पर काम करने वाले सरकारी कर्मचारियों की लिस्ट भी तैयार कर ली गई है।
आबकारी विभाग ने शराब की दुकानों के लाइसेंस देने के लिए ऑनलाइन बिडिंग करवाई थी और इसके बाद चार बार मौका दिया गया। लेकिन 100 से दुकानें नीलामी नहीं हुई तो विभाग को नुकसान उठाना पड़ गया। दुकाने कम होने के कारण ठेकेदार मनमर्जी के दामों पर शराब बेच रहे है और मुनाफा कमा रहे हैं। दुकानें कम नीलाम होने से राज्य सरकार को राजस्व कम प्राप्त हो रहा था।
आबकारी विभाग ने अपने अधीन आने वाले 300 से ज्यादा कर्मचारियों को इस काम के लिए चुना है। ये कर्मचारी बंद दुकानों का संचालन करेंगे और शराब बेचेंगे। कुछ दुकानों को आरटीडीसी को भी देने की तैयारी है। सरकार ने इस बार शराब बेचने को लेकर इतनी पाबंदियां बढ़ा दी है कि ठेकेदारों का हाल खराब है और कोई भी इसमें रूची नहीं ले रहा है। इसी वजह से सरकार को अब राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रह है और शराब बेचने के लिए सरकारी कर्मचारियों को इस काम में लगाया गया है।
