रीट परीक्षा 2021 पेपर लीक मामले में दिनों-दिन बढ़े खुलासे हो रहे है और अब पता चला है कि पेपर तो जयपुर के शिक्षा संकुल से ही आउट हुआ था। पेपर लीक मामले में सरकार से जवाब बनता नहीं आ रहा है और एसओजी ने खुलासे किए है उसे देखकर लग रहा है कि पेपर आउट कराने में कई बड़े लोगों का हाथ भी हो सकता है। राजस्थान एसओजी ने रीट परीक्षा का पेपर लीक करने वाले मुख्य आरोपी उदाराम और रामकृपाल मीणा को गिरफ्तार किया है।
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एसओजी ने बताया कि रामकृपाल मीणा ने ही शिक्षा संकुल स्थित पेपर संग्रहण केन्द्र से पेपर निकालकर उदाराम विश्नोई को दिया था। इसके बदले उदाराम विश्नोई ने करोड़ों रुपए दिए है और आरोपी उदाराम विश्नोई ने यह पेपर भजनलाल विश्नोई को मुहैया कराया था। भजनलाल विश्नोई की गिरफ्तारी के बाद इन आरोपियों का नाम सामने आया था। लेकिन सवाल यह भी खड़े हो रहे है कि इन लोगों ने कितने लोगों को पेपर बांटा होगा जब तक यह पता नहीं चलेगा तब तक इस परीक्षा पर रोक लगाने की मांग उठ रही है।
रामकृपाल मीणा जयपुर में निजी शिक्षण संस्थान का मालिक है और इससे पहले भी रामकृपाल मीणा द्वारा कई प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक करने की जानकारी सामने आई है। इस मामले में सांसद किरोड़ी लाल के दावों पर मुहर लग रही है यह बात किरोड़ी लाल मीणा ने 3 महीने पहले ही बात दी थी कि पेपर लीक करने में किस का हाथ है। इस माामले को लेकर बीजेपी कांग्रेस सरकार पर हमला बोल रही है तो बोर्ड अध्यक्ष जारौली ने तो यह तक कहा था कि अगर पेपर आउट हुआ है तो वह अपने पद से इस्तिफा देने के लिए तैयार है।
