Monday, 5 October 2026
अभी का दौर

चांदना की पायलट को खुली चुनौती, गुर्जर समाज बनाएगा अब नई रणनीति

आपणो राजस्थान
चांदना की पायलट को खुली चुनौती, गुर्जर समाज बनाएगा अब नई रणनीति

राजस्थान में इन दिनों गहलोत और पायलट की जंग से ज्यादा पायलट-चांदन की जंग दिलचस्प हो गई है। पायलट और चांदान कभी एक साथ थे लेकिन अब दोनों की बीच इतनी दुरियां आ गई है कि दोनों अपने आप को एक दूसरे का दुश्मन मान बैठे है। पिछले दिनों पुष्कर की सभा में जूता उछाल कांड के बाद खेल मंत्री अशोक चांदना ने पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा सीएम बनने के लिए ऐसा करते हैं तो अच्छी बात है लेकिन आज में लड़ने के मुंड में नहीं हुई हुं नहीं तो मैदान में कोई नहीं टिक पायगा। 

आने वाले दिनों में इसकी लड़ाई और तेज होने की संभावना जताई जा रही है। इसे अशोक गहलोत खेमे की तरफ से लड़ी जाने वाली लड़ाई से भी जोड़कर देखा जा रहा है। क्योंकि सीएम गहलोत के राष्ट्रिय अध्यक्ष बनने की बात चल रही है और सचिन पायलट को सीएम बनाने का दावा किया जा रहा है। लेकिन कुछ लोग पायलट को सीएम बनने के लिए राजी नहीं है और इसी वजह से दोनों गुर्जर नेताओं को जंग के मैदान में उतार रहे हैं।

UP के Doctor को US से मिली ‘सिर तन से जुदा' करने की धमकी!

पायलट का राजस्थान और पड़ोसी राज्यों गुर्जर समाज में बड़ा प्रभाव है। पायलट के मुकाबले चांदना भी गुर्जर समाज में अपना अच्छा वोट बैंक बना रखा है। चांदना को पायलट विरोधी खेमा गुर्जर समाज में बड़ा नेता बनाने का प्रयास कर रहा है। लेकिन उनको इस बात का पता नहीं है कि पायलट की पकड़ बहुत बड़ी है और उनको टक्कर देना आसान काम नहीं है। 

पायलट विरोधी लोग अशोक चांदना को गुर्जर समाज में बड़े नेता बनाने में लगे हुए है। इस बात को सभी लोग जानते है कि गुर्जर समाज ने 2018 के चुनावों में सचिन पायलट को सीएम बनाने के चक्कर में वोट दिया था और इसी वजह से कांग्रेस को चुनावों में फायदा हुआ था। लेकिन जिस प्रकार से पायलट के साथ व्यवहार हुआ वह भी सब ने देखा है लेकिन आने वाले दिनों गुर्जर समाज दोनों नेताओं को लेकर बड़ा फैसला ले सकता है।


सीएम गहलोत भी पायलट की जगह चांदना को आगे लाने का प्रयास कर रहे है और इसका एक ही कारण गुर्जर समाज में चांदन को बड़ा नेता बनाना।चांदना के पायलट पर खुला हमला बोलने की घटना की दिल्ली तक पहुंच गई है। जल्द इस मामले पर कांग्रेस हाईकमान बड़ा फैसला लेगा। क्योंकि पायलट ने अभी भी इस प्रकार के बयान नहीं दिए है जो पार्टी या किसी नेता के खिलाफ हो