देश के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि कॉलेज के नाम पर यूनिवर्सिटी खोलने की तैयारी की गयी लेकिन जब इस सच का उजागर हुआ तो विधानसभा में हंगामा मच गया। राजस्थान में एक ऐसी घटना हुई जिसमें रातों रात 80 एकड़ में बनी यूनिवर्सिटी गायब हो गई, जिसमें 30 से ज्यादा लैब और 60 बड़े हॉल थे।
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जब इस झूठ का पर्दाफाश हुआ तो गुरुकुल यूनिवर्सिटी का फिजिकल वेरिफिकेशन करने गई 4 सदस्यों की टीम ने दावा किया है कि उनके पास वेरिफिकेशन का वीडियो भी है। राजस्थान की विधानसभा इस यूनिवर्सिटी का बिल पेश किया तो प्रतिपक्ष उपनेता राजेन्द्र राठौड़ ने इसका भांडाफोड़ कर दिया तो विधानसभा से इस बिल को वापस ले लिया है।
सुखाड़िया यूनिवर्सिटी के कुलपति की कमेटी ने कागजों में बनी यूनिवर्सिटी का निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार की थी। पोल खुलने के बाद यूनिवर्सिटी के लिए आवेदन करने वाली संस्था ने निर्माण शुरू कर दिया है। 10 एकड़ में फैले इस इंस्टीट्यूट को 80 एकड़ में बनी यूनिवर्सिटी का हेडक्वार्टर बताकर रिपोर्ट तैयार कर दी।
यूनिवर्सिटी की जमीन सीकर से करीब 30 किलोमीटर दूर कोछोर गांव के पास है। निजी यूनिवर्सिटी एक्ट 2005 के अनुसार यूनिवर्सिटी के लिए कम से कम 30 एकड़ जमीन होना अनिवार्य है लेकिन कमेटी संस्था की ओर से बताए गए जिस इंस्टीट्यूट में गई वो 10 एकड़ में ही है। इसके बाद भी कमेटी को पता नहीं चला की 10 एकड़ और 80 एकड़ कितना होता है। सुखाड़िया यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. अमेरिका सिंह के नियुक्ति पर सवाल भी उठाए गए है और इसके बाद इस तरह का घोटाला हुआ है।
