राजस्थान में इन दिनों सरकारी भर्तियों को लेकर जबरदस्त जंग देखने को मिल रही है और रीट भर्ती को लेकर सरकार को बड़ी राहत मिली है। रीट भर्ती की सीबीआई से जांच करने की मांग को लेकर एबीवीपी ने राजस्थान हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था लेकिन हाइकोर्ट ने एबीवीपी की सीबीआई जांच कराने से जुड़ी याचिकाओं को खारिज कर दिया है।
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हाईकोर्ट ने एसओजी को 4 सप्ताह में प्रगति रिपोर्ट कोर्ट को सौंपने के निर्देश दिए है। हाईकोर्ट के फैसले से बीजेपी को बड़ा झटका लगा है तो कांग्रेस को बड़ी राहत मिली है। वहीं बात करें बजट सत्र की तो सीएम गहलोत ने ऐसा बजट पेश किया जिसको लेकर सरकारी कर्मचारियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।
सरकारी भर्तियों में नकल की घटनाओं को रोकने के लिए राजस्थान सरकार नकल रोकने का बिल पेश किया है। नकल गिरोह में शामिल लोगों को 10 साल की सजा के साथ 10 लाख से 10 करोड़ तक का जुर्माने लगाने की बात कही है। नकल रोकने के लिए एसओजी में एंटी चीटिंग सेल बनाने की घोषणा हुई है। पेपर लीक करने वालों पर सख्त सजा को लेकर अभ्यर्थी लंबे समय से मांग कर रहे हैं।
इस बजट को लेकर बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने जो विवादित बयान दिया था उसको लेकर सत्ता पक्ष ने जमकर विरोध किया था। लेकिन मामला ज्यादा बढ़ने लगा तो पूनिया ने माफी मांग ही है। उन्होंने कहा है कि अगर मेरे बयान से कोई आहत हुआ है तो क्षमा प्रार्थी हूं, किसी को ठेस पहुंची हो तो मैं विनम्रता से क्षमा मांगता हूं। राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेहाना रियाज ने कहा कि सतीश पूनिया ने जो टिप्पणी महिलाओं पर की वह बहुत शर्मनाक है।
