लता मंगेशकर का 6 फरवरी की शाम अंतिम संस्कार किया गया, अंतिम संस्कार से पहले मनोरंजन और राजनीति जगत के तमाम लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी. इस दौरान बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान भी श्रद्धांजलि देने पहुंचे, इस दौरान सोशल मीडिया पर उनका एक वीडियो जमकर वायरल हो रहा है. शाहरुख जिस तरीके से लता मंगेशकर को श्रद्धांजलि दे रहे हैं, उसे देखने के बाद कई लोग शाहरुख खान को बुरा-भला कहने लगे, तो कई उनका बचाव करते नजर आए, तो आखिर क्या है इस वीडियों का सच चलिये आपको बताते है।
आपकों बतां दे कि शाहरुख खान और उनकी मैनेजर पूजा दोनों एक साथ लता मंगेशकर के पार्थिव शरीर को श्रद्धांजलि देने मंच पर चढ़े थे, एक तरफ जहां मैनेजेर पूजा ददलानी हाथ जोड़कर खड़ी हो गईं, तो वहीं शाहरुख खान ने खड़े होकर दुआ पढ़ी. फिर अपना मास्क नीचे हटाकर झुककर पार्थिव शरीर पर फूंक मारी. लेकिन शाहरुख के इस तरीके पर लोगों ने सवाल उठाना शुरू कर दिया. कई लोग उसे थूकना समझने लग गए।
शाहरुख खान के इस वीडियो पर सोशल मीडिया पर बवाल मचा हुआ है. बहुत से लोग शाहरुख खान की जमकर आलोचना कर रहे हैं. हालांकि बहुत से यूजर्स ने इसे गलत बताया है कि शाहरुख ने पार्थिव शरीर पर थूका था. दरअसल शाहरुख ने दुआ पढ़ने के बाद फूंक मारी थी. इस्लाम में ऐसा बुरी शक्तियों को दूर करने के लिए दुआ पढ़ने के बाद किया जाता है. इस्लामिक नजरिए से समझें, तो दुआ का ये तरीका बड़ा आम है. हमने-आपने भी मस्जिदों या दरगाहों पर ऐसे दृश्य देखे होंगे जब कोई मां-बाप अपने बच्चे के लिए मुफ्ती या मौलाना से दुआ करा रहे होते हैं, वो दुआ करते हैं और फिर बच्चे के ऊपर फूंक मारते हैं।
वहीं आपकों बतां दे कि आखिर ये वीडियों क्यों वायरल हो रहा है, तो आपकों बतां दे कि शाहरुख खान का वीडियो शेयर करते हुए बीजेपी नेता अरुण यादव ने सवाल किया क्या इसने थूका? हरियाणा बीजेपी के आईटी एंड सोशल मीडिया हेड अरुण यादव का ये ट्वीट मिनटों में वायरल हो गया और तमाम सेलेब्स ने उन्हें आड़े हाथों लेना शुरू कर दिया, वहीं इसके बाद एक के बाद एक कई लोगों ने ट्वीट किए।
वहीं इसपर क्या कहना है जामिया यूनिवर्सिटी के डायरेक्टर सैयद अनवर शाह का चलिये आपकों सुनाते है। वहीं जब शाहरुख दोनों हाथ फैलाकर लता दीदी के लिए दुआ मांग रहे थे तब उनके बगल में खड़ीं पूजा दोनों हाथ जोड़कर भगवान से लता दीदी के लिए प्रार्थना कर रही थीं. तमाम लोग इस तस्वीर की भी तारीफ कर रहे हैं कि कैसे एक श्रद्धांजलि के वक्त अलग-अलग अंदाज में प्रार्थना कर रहे हैं।
