30 मई सोमवार को शनि जयंती मनाई जाएगी और इस दिन सोमवती अमावस्या और वट सावित्री व्रत भी है। बताया जाता है कि इस दिन सूर्य पुत्र शनि देव का जन्म हुआ था और उनका ऐसा वरदान मिला हुआ है कि जिसके कारण हर इंसान उनको खुश करना चाहता है। जीवन के सभी कर्मा का फल शनि देव तय करते है और साढ़ेसाती या ढैय्या का प्रभाव कम करने के लिए आपको कुछ ऐसे उपाय करने होंगे जिससे शनि देव की कृपा होगी।
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शनि जयंती के दिन पूजा के लिए आपको नीले रंग के फूल, शमी के पत्ते, काला तिल, सरसों के तेल और गुड़ का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए। अगर आपके जीवन में ग्रह दोष, साढ़ेसाती और ढैय्या का खतरा है तो उसे जरूर राहत मिलेगी। शनि जयंती के दिन सरसों का तेल से भरा दीया जरूर जलाएं।
शनि देव की पीड़ा को दूर करने के लिए सरसों के तेल में काले तिल और लौंग डालकर शनि देव को चढ़ाएं। अगर आपके जीवन में ग्रह दोष के साथ धन लाभ में परेशानी हो रही है तो आपको शनि जयंति पर व्रत करना होगा। अगर आप इस दिन गाय को चारा डालते है तो जीवन में हरियाली बनी रहेगी। इसके साथ आपको काले कपड़े, उड़द, काला तिल और लोहे का दान जरूर करना चाहिए।
