राष्ट्रिय अध्यक्ष और राजस्थान के सीएम पद को लेकर गांधी परिवार एक साथ समाधान करने की पूरी योजना बनाई थी लेकिन गहलोत गुट ने ऐसा सियासी ड्रामा किया जिसके कारण उनका पूरा प्लान चौपट हो गया। राहुल गांधी ने भारत जोड़ो यात्रा शुरू की है लेकिन दूसरी तरफ राजस्थान में जो ड्रामा हुआ है उसे देखकर बीजेपी को हमला बोलने का मौका मिला है।
गांधी परिवार को गहलोत पर विश्वास था और गहलोत ने कई मौकों पर गांधी परिवार के प्रति वफादारी दिखाई है। लेकिन इस बार कांग्रेस आलाकमान गहलोत की चाल को समझ नहीं पाए और उनके गुट के विधायकों ने जिस तरह से दबाव बनाया है उसे देखकर साफ हो गया है कि वह पायलट को सीएम मानने के लिए तैयार नहीं है।
Delhi आलाकमान की पहुँच से बाहर Rajasthan,Gehlot के आगे सब पस्त
राजस्थान की राजनीति को देखकर लगा कि यहां केवल एक ही शख्स है जो अपनी मर्जी का मालिक है उसे दिल्ली आलाकमान को भी झुकने पर मजबूर कर सकता है। कांग्रेस ने इस पूरे घटनाक्रम को अनुशासनहीनता माना गया है और सोनिया गांधी ने पूरे घटनाक्रम पर नाराजगी जताई है। राजस्थान संकट को लेकर बड़ा एक्शन लेने की तैयारी शुरू हो गई है।
अजय माकन और मल्लिकार्जुन खड़गे ने पूरे घटनाक्रम पर लिखित रिपोर्ट तैयार की है। खबरों के अनुसार शांति धारीवाल, महेश जोशी और प्रताप सिंह के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठ सकती है। शांति धारीवाल ने अजय माकन पर ही सवाल खड़े कर दिए है और खुलकर उनकी आलोचन की है। लेकिन इन नेताओं को बगावत करने के लिए किसने उकसाया है और अब बात आलाकमान को चुनौती देने की है जिसके बाद कई विधायकों ने पाला बदल लिया है।
