SORRY... खुश रहना आप सब। मम्मी-पापा यह मेरी गलती है। किसी की कोई गलती नहीं है। गलती सिर्फ मेरी है, आपने मुझ पर इतना विश्वास कर मुझे भेजा और मैंने... मयंक को अच्छे से पढ़ाना। घर में खुश रहना और मेरी जगह वह आपका नाम रोशन करेगा।
रेणुका ने ये सुसाइड नोट लिखकर मौत को अपने गले लगा लिया, लेकिन आखिर रेणुका ने ऐसा क्यों किया, तो हम आपको बतां दे कि मध्यप्रदेश के इंदौर में माता जीजा बाई कॉलेज में रेणुका बीएसई थर्ड इयर की स्टूडेंट थी और वो भंवरकुआं इलाके के एक हॉस्टल में रहती थी, रेणुका के केमिस्ट्री के पेपर वाले दिन कॉलेज प्रबंधन ने उसका नकल प्रकरण बना दिया था, रेणुका नकल नहीं करने की बात कहती रही लेकिन इनविजिलेटर ने उसकी बात मानने से इनकार करते हुए उसे कॉलेज से निष्कासित कराने की बात कही, रेणुका के पिता नारायण धाकड़ बनखेड़ी होशंगाबाद में पुलिस आरक्षक हैं।
रेणुका ने कॉलेज के प्रकरण के बारे में अपने पापा को फोन पर बताया जिसके बाद उसके पिता ने कहा कि वो इंदौर आकर कॉलेज प्रबंधन से करेंगे जिसके बाद रेणुका ने अपने पापा से कहा कि 21 तारीख को मेरा पेपर है, मैं वह पेपर देकर आपसे बात करती हूं, लेकिन उसने डिप्रेशन में आकर 20 अप्रैल की रात ही हॉस्टल के कमरे में सुसाइड नोट लिखकर फांसी लगा ली, रेणुका का परिवार सदमें में है उनका कहना है कि रेणुका पढ़ाई में अच्छी थी।
वह पढ़ाई करते वक्त कभी हथेली पर तो कभी अपने हाथ-पैर पर पेन से लिख लेती थी। बचपन में भी इस आदत के लिए मां-बाप ने कई बार उसे डांटा था, लेकिन रेणुका की यह आदत नहीं छूटी। सिर्फ हाथ पर कुछ शब्द लिखे देखकर कॉलेज प्रबंधन ने रेणुका का नकल प्रकरण बना दिया,
