मुलायम के जन्मदिन पर चाचा शिवपाल यादव और भतीजे अखिलेश यादव के बीच की दूरियां खत्म हो जाएंगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। शिवपाल यादव ने सपा से गठबंधन को लेकर जो मांग रखी है उसे अखिलेश यादव आसानी से पूरा नहीं करते नजर आ रहे हैं। अगर अखिलेश जल्द फैसला नहीं लेते है तो सपा और प्रसपा के बीच गठबंधन की उम्मीद खत्म हो सकती है।
अखिलेश यादव इस बार योग सरकार को बाहर करके अपनी सरकार बनाने में लगे हुये है और ऐसे में वह चाचा शिवपाल को लेकर नरमी दिखा रहे हैं। उन्होंने कई बार कहा है कि चाचा का पूरा सम्मान होगा और राजनीतिक लड़ाई में चाचा इस बार हमारे साथ होंगे।
शिवपाल ने सपा के साथ गठबंधन को लेकर पहली बार सार्वजनिक रूप से 100 सीटों की मांग की है। इस मांग को लेकर अभी तक उनके पास कोई जवाब नहीं आया है। अखिलेश चाचा को साथ लाना चाहते है लेकिन सीटों की ज्यादा मांग उनको खटक रही है और इसी वजह से इस गठबंधन पर कोई फैसला नहीं ले पाये हैं।
सपा से गठबंधन या विलय की स्थिति में शिवपाल 80 से 100 सीटें चाहते हैं लेकिन अखिलेश यादव इस शर्तों पर राजी नहीं है। चाचा-भतीजे की लड़ाई से उनके परम्परागत वोट बैंक भी छटक रहा है और इस लड़ाई का फायदा बीजेपी को मिलेगा।
