इन चुनावों में बीजेपी मोदी के चेहरे के साथ योगी सरकार के उपलब्धियों के साथ जनता से वोट मांग रही है। केंद्र व प्रदेश सरकार की उपलब्धियों के साथ ही पार्टी हिन्दु धर्म को अपना चुनावी हथियार बनायेगी। पिछले चुनावों की तरह इस बार भीयूपी की कमान पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह के हाथ में होगी। किसानों की नाराजगी को दूर करने के लिए आने वाले दिनों बीजेपी किसानों को अपने पाले में करने के लिए बड़ी बैठक कर सकती है।
इस बार मौजूदा विधायकों का टिकट भी काटा जा सकता है और पार्टी के जो पदाधिकारी चुनाव लड़ना चाहेंगे तो उन्हें पहले पद छोड़ना होगा। राष्ट्रीय अध्यक्ष नड्डा, प्रदेश महामंत्री संगठन बीएल संतोष, मुख्यमंत्री योगी , भाजपा के प्रदेश प्रभारी राधा मोहन सिंह, प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व डा. दिनेश शर्मा और प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल की अहम बैठक हुई है। इस बैठक में इसी बात को लेकर चर्चा हुई है कि यूपी चुनावों में इस बार भी 300 सीटों पर जीत हासिल करनी है और विपक्ष के झूठे दावों की पोल खोलनी है।
दिसंबर में होने वाले श्रीकाशी विश्वनाथ कारीडोर के उद्घाटन को भव्यता के साथ प्रस्तुत करके लोगों को योगी सरकार के कामों को बताना होगा। प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर भी जनता को जागरूक करना है। चुनावों से पहले विजय रथयात्रा को सफल बनाने को लेकर भी रणनीति बनाई जा रही है। पिछले चुनावों में मोदी—शाह की धुआंधार रैलियां इस बार भी देखने को मिल सकती है।
