Monday, 5 October 2026
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वसुंधरा राजे का 18 सितम्बर से शुरू होगा मिशन बीकाणा, जानें इसके सियासी मायने 

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वसुंधरा राजे का 18 सितम्बर से शुरू होगा मिशन बीकाणा, जानें इसके सियासी मायने 

राजस्थान में इन दिनों सत्ता पक्ष और विपक्ष में जबरदस्त गुटबाजी देखने को मिल रही है और चुनावों से पहले दोनों दलों की गुटबाजी दिल्ली बैठे नेताओं के लिए सिरदर्द बनी हुई है। दोनों दलों में सीएम पद को लेकर गुटबाजी देखने को मिल रही है और इसी वजह से पार्टी के नेता भी एकजुट होते नहीं दिख रहे है।

राजस्थान की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे इन दिनों पार्टी लाईन से हटकर अपनी ताकत दिखाने में लगी हुई है और अपने आप को सीएम उम्मीदवार बताने का प्रयास कर रही है। लेकिन बीजेपी इस बार साफ कह दिया है कि इस बार पार्टी किसी सीएम के चेहरे पर नहीं पीएम मोदी के नाम पर चुनाव लड़ेगी। राजे ने पहले भी जयपुर, भरतपुर, कोटा और उदजयपुर संभाग की यात्रा करके अपनी ताकत दिखाई थी और अब इस क्रम को आगे बढ़ाते हुए बीकानेर संभाग की यात्रा में जुट गई है।

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सितंबर महीने के दूसरे सप्ताह बाद राजे का बीकानेर का दौरा रहेगा और इसकी तैयारियों को लेकर वसुंधरा कैंप के प्रमुख नेता लग गए है। वसुंधरा राजे अपने जन्मदिन के दिन भरतपुर संभाग में अपना जन्मदिन मना कर अपनी सियासी ताकत दिखा चुकी है।


वसुंधरा कैंप के प्रमुख नेता अशोक परनामी, यूनुस खान और राजपाल सिंह शेखावत तैयारियों में जुट गए है। इस दौरे से पहले देवी सिंह भाटी से मुलाकात करके नई चर्चा भी शुरू कर दी है। रामसिंह कस्वा और अभिषेक मटोरिया भी स्थानीय स्तर पर तैयारी कर रहे है। इस यात्रा के दौरान अर्जुन राम मेघवाल जैसे कई बड़े नेता दूरी बना रहे है।

वसुंधरा राजे की टीम के प्रमुख नेता उनके साथ रहते है और इसी वजह से पार्टी में जबरदस्त गुटबाजी बनी हुई है। लेकिन प्रदेश नेतृत्व से जुड़े प्रदेश भाजपा संगठन के विभिन्न पदाधिकारी इससे दूरी बनाते है जो कई सवाल खड़े करती है। इस बार राजे का दिल्ली आलाकमान सीएम पद का उम्मीदवार घोषित नहीं करेगा इसका पहले ही एलान हो गया है।