राजस्थान के लाखों बेरोजगारों के लिए सरकारी नौकरी छोड़कर मौत से जंग लड़ रहा विकास जाखड़ अब अस्पताल में भर्ती है। विकास ने सेना की नौकरी छोड़कर सरकारी भर्ती में हो रही धांधली के लिए आवाज उठाने का फैसला किया लेकिन गहलोत सरकार ने इस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया। रीट भर्ती में इतने बड़े खुलासे होने के बाद भी सरकार इसकी अनदेखी कर रही है जो कई सवाल खड़े कर रही है। विकास ने अपने गांव में अनशन शुरू किया तो सरकार ने जबरदस्ती तरीके से उनको अस्पताल में भर्ती करवाया लेकिन विकास ने प्रण लिया कि जब तक सरकार उनकी बात को नहीं मानेगी तब तक अनशन खत्म नहीं करेंगे।
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विकास जाखड़ सीआरपीएफ में असिस्टेंट कमांडेंट विकास जाखड़ को राष्ट्रपति ने शौर्य चक्र से नवाजा था। लेकिन भर्ती परीक्षाओं में धांधलियों के विरोध में उन्होंने नौकरी छोड़कर गांव में अनशन पर बैठे तो सरकार ने उनको बीडीके अस्पताल में भर्ती करवा दिया। विकास जाखड़ के बेटे और मां ने इस लड़ाई का मोर्चा सम्भाल लिया है और अनशन पर बैठे गए हैं। पुलिस ने धरना स्थल से सभी को लोगों को खदेड़ दिया लेकिन लोग वापस धरने पर बैठ गए।
ग्रामीणों ने सरकार के लिए सद्बुद्धि यज्ञ और विकास जाखड़ के स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना की गई। सरकार ने अगर इस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया तो आने वाले दिनों में बहुत बड़ी परेशानी बन सकती है। एसओजी ने अभी तक यह नहीं बताया कि भजनलाल को पेपर किसने दिया था और इसी वजह से लोगों में जबरदस्त आक्रोश देखने को मिल रहा है।
