वैसे तो दिल्ली दिल वालों की है लेकिन इतिहास गंवाह है कि दिल्ली पर राज करने के चक्कर में अच्छे-अच्छे योद्वाओं के पसीने छूट गए। दिल्ली पर राज करना पहले भी आसान काम नहीं था और यह बात आज भी देखने को मिल रही है। दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार के मध्य हमेशा खींचतान लग रहता है और दोनों की जंग कोर्ट तक पहुंच जाती है। दिल्ली में पिछले 10 सालों से आम आदमी पार्टी की सरकार बन रही है लेकिन इसके बाद भी उसको अपनी इच्छा से काम करने का मौका नहीं मिल रहा था और इसके लिए उसने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया तो उसे बड़ी राहत के साथ वह शक्ति मिल गई जिसे वह कई सालों से हासिल करना चाह रही थी।
केंद्र और दिल्ली सरकार के बीच प्रशासनिक सेवाओं पर नियंत्रण का विवाद अब सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की पीठ ने हमेशा के लिए खत्म कर दिया। संविधान पीठ ने कहा कि जमीन, पुलिस और कानून-व्यवस्था को छोड़कर बाकी सारे प्रशासनिक फैसले लेने के लिए दिल्ली की सरकार आजाद। इसके साथ ही उसे अधिकारियों और कर्मचारियों का ट्रांसफर-पोस्टिंग की आजादी भी मिल गई। यह फैसला केंद्र सरकार और उपराज्यपाल के लिए बड़ा झटका साबित हुआ। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के कुछ घंटों बाद ही दिल्ली सरकार ने सेवा सचिव आशीष मोरे को विदा कर दिया।
अब बीजेपी ने दिल्ली में एक ऐसा अभियान चलाने का फैसला किया है जो सबको हैरान करने वाला है। BJP नेता विजय गोयल ने कहा कि दिल्ली आवारा कुत्तों की समस्या बढ़ती ही जा रही है और इसके लिए एक अभियान चलाया जाएगा। आवारा कुत्ते लोगों पर हमले कर रहे हैं और दिल्ली सरकार सो रही है। बीजेपी दिल्ली की सोई हुई सरकार को जगाने के लिए यह अभियान चला रही है कि जनता को कुत्ते काट रहे है और उन्होंने अभी तक किसी प्रकार का कदम नहीं उठाया।
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बीजेपी आवारा कुत्तों के समाधान को लेकर अलग-अलग जगहों पर लोगों से मिलेगी। वहीं, कुत्तों के समाधान को लेकर आरडब्ल्यू एसोसिएशन के साथ एक बैठक की, लेकिन इस दौरान हंगाम हो गया और हाथापाई की नौबत तक आ गई। बीजेपी इस मामले को लेकर पूरी दिल्ली में आप को घेरने की तैयारी में लग गई है। इसका जवाब आप पार्टी को देना है क्योंकि निगम भी उनका हो गया है और सरकार को नई शक्ति भी मिल गई है तो देखना होगा दिल्ली के हालात कितने बदलते है।
