Monday, 5 October 2026
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एंबुलेंस का किराया नहीं होने पर बेटे की लाश के साथ पिता ने किया 200 किमी का सफर

क्राइम
एंबुलेंस का किराया नहीं होने पर बेटे की लाश के साथ पिता ने किया 200 किमी का सफर

एक पिता के लिए अपने पुत्र को खोने से बड़ा दुःख कुछ भी नही हो सकता, ये दुःख ऐसा होता हैं कि जैसे मानो दुखों का पहाड़ टूट पड़ा हो..ऐसी ही एक बेहद दुखद घटना पश्चिम बंगाल से सामने आई हैं...जहाँ एक दिहाड़ी मजदूर ने अपने जुड़वां बच्चों के इलाज के लिए सारा पैसा तो खर्च कर दिया लेकिन अफ़सोसअपने एक बच्चे को नही बचा पाया...यह दुख बड़ा था लेकिन उसके लिए दर्द यह था कि बच्चे के शव को ले जाने के लिए उसे एंबुलेंस नहीं मिली।

दरअसल पश्चिम बंगाल में एक 5 महीने के बच्चे की मौत अस्पताल में हो गई। दैनिक मजदूर पिता के पास एम्बुलेंस का किराया देने के लिए रुपये नहीं थे। अस्पताल से पिता के हाथ में बच्चे का शव थमा दिया। बेबस पिता भी क्या करता। कई एंबुलेंस से पता किया लेकिन एंबुलेंसवालों ने 8हजार रुपये किराया मांगा। गरीब पिता रोता-बिलखता रहा, गिड़गिड़ाता रहा लेकिन उसकी किसी ने नहीं सुनी। आखिर पिता ने एक झोले में सामान की तरह बेटे का शव रखा, उसे छिपाया और बस में 200 किलोमीटर का सफर तय किया और अपने घर शव लेकर पहुंचा। सफर के दौरान पिता ने किसी को भनक नहीं लगने दी की झोले में शव है।

आपको बता दें..पीड़ित पिता से घर तक शव को ले जाने के लिए एंबुलेंस चालक ने 8 हजार रुपये मांगे थे..गरीबी की वजह से उनके पस एम्बुलेंस वाले को देने के लिए पैसे नही थे..बच्चे का इलाज भले ही सरकार मेडिकल कॉलेज में हो रहा हो लेकिन उनकी जमापूंजी 16000 रुपये खर्च हो गई..इस मामले को लेकर विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस सरकार को निशाने पर लिया। उन्होंने पिता का एक वीडियो शेयर करते हुए ममता बनर्जी सरकार की 'स्वास्थ्य साथी' बीमा योजना पर सवाल उठाया। वहीं तृणमूल कांग्रेस ने बीजेपी पर एक बच्चे की दुर्भाग्यपूर्ण मौत पर राजनीति करने का आरोप लगाया।