बांग्लादेश में एक बार फिर से अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के लोगों के साथ अत्याचार की सारी हदें पार कर दी गईं। नरैल जिले में लोहागारा में कट्टरपंथियों की भीड़ ने फेसबुक पर कथित रूप से पैगंबर मोहम्मद साहब के खिलाफ टिप्पणी करने पर हिंदुओं के 70 घरों और दुकानों को पहले जमकर लूटा और फिर उन्हें जला दिया। उपद्रवियों की भीड़ यहीं पर नहीं रुकी और उसने एक मंदिर को भी तोड़फोड़ करके बर्बाद कर दिया। इनका आरोप था कि आकाश नाम के शख्स ने पैगंबर के खिलाफ टिप्पणी की है जिससे उनकी भावनाएं आहत हुई हैं।
इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. जिसमें देखा जा सकता है कि भीड़ ने घरों में आग लगा दी है और हिंदू लोग आग बुझाने का प्रयास कर रहे हैं. इस हमले के बाद पूरे इलाके में अफरातफरी और दहशत का माहौल बन गया। लोहागढ़ पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर नारन चंद्र पाल का कहना है कि इस घटना से पूरे इलाके में भारी तनाव फैल गया, इलाके में सक्रिय इस्कॉन समूह का कहना है कि कुल 200 लोगों को बुरी तरह से पीटा गया है।
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घरों को इस तरह से जलाया गया कि वे दो दिन तक जलते रहे। पुलिस का कहना है कि आकाश साहा और उसके पिता पर पैगंबर मोहम्मद को लेकर कथित पोस्ट करने का आरोप है. उनके अनुसार इन लोगों के घर को भी जलाया गया है. घटना के बाद पुलिस ने आकाश और उसके पिता को गिरफ्तार किया है, घटना के बाद स्थानीय नेताओं ने भी इलाके का दौरा किया है, बांग्लादेशी मीडिया के मुताबिक अभी तक पुलिस ने इन घरों को जलाने वाले किसी भी व्यक्ति को अरेस्ट नहीं किया है। वहीं आपको बतां दे कि बांग्लादेश में लगातार हिंदुओं को निशाना बनाने की खबरें आती रहती हैं।
कोलकाता में इस्कॉन के प्रवक्ता राधारमन दास कहते हैं कि हिंदुओं के 70 घरों को जला दिया गया और दुनिया ने चुप्पी साध रखी है, उन्होंने कहा कि बांग्लादेश के हिंदू अपना धर्म परिवर्तन नहीं करेंगे और न ही वहां से भागेंगे। उन्होंने पीएम मोदी और संयुक्त राष्ट्र से मदद की गुहार लगाई है।
