CBI ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब,आंध्रप्रदेश, तमिलनाडु, राजस्थान, बिहार, ओडिशा,मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, गुजरात, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के कई जगह छापेमारी करन के दौरान पता चला कि भारत से यह चाइल्ड पोर्नोग्राफी का नेटवर्क 100 देशों तक फैला हुआ है
सीबीआई के अनुसार, छापेमारी के दौरान गैजेट्स, पैन ड्राइव, लैपटॉप जैसे कई इलेक्ट्रॉनिक सबूत मिले हैं। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो के आंकड़ो के अनुसार देशभर में बच्चों के खिलाफ साइबर क्राइम 2020 में बहुत तेजी से बढ़ा है। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो के आंकड़ो के अनुसार यूपी में 160 से ज्यादा साइबर पोर्नोग्राफी के मामले दर्ज है। इसके बाद महाराष्ट्र में 123, कर्नाटक में 122 और केरल में 100 मामले दर्ज है।
सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद 2015 में 850 पोर्न साइट्स पर बैन लगा गया था लेकिन सभी पोर्न साइट्स से जुड़े सर्वर को ब्लॉक करना आसान काम नहीं है। अटॉर्नी जनरल ने चीफ जस्टिस के सामने कहा था कि अगर कोई अकेले में पोर्नोग्राफी देखना चाहता है तो उस पर पाबंदी नहीं लगा सकते और इंटरनेट के इस दौर में सभी पोर्न साइट्स को बैन करना आसान नहीं है।
