चीन हमेशा अपनी चालाकी से अपने पड़ोसी देशों की सीमाओं पर कब्जा करता रहा है। चीन ने भारत को धोखे में रखकर उसने एक बार तो आक्रमण तक कर दिया और इसके बाद से भारत उसकी चाल को समझ गया। वह दुनिया के सामने हिंदी और चीनी भाई-भाई का नारा देता है लेकिन पीठ पीछे वह भारत की जमीन पर कब्जा करने की रणनीति बनाता है। पिछले दिनों डोकलाम विवाद के कारण दोनों के रिश्तों में काफी तनाव देखने को मिला था और इसके बाद दोनों एक दूसरे को देख लेने की धमकी दी थी।
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लेकिन अब फिर चीन ने भारत को उकसाने का काम किया है उसने अरुणाचल प्रदेश में 11 स्थानों के लिए नए नामों का एक सेट जारी किया है। क्योंकि वह इस प्रदेश पर लगातार अपना दाव करता है और यह तीसरी बार है जब चीन ने अरुणाचल प्रदेश में स्थानों का नाम बदला हो। चीन इस भाग को ज़ंगनान नाम देता है।
चीन द्वारा जारी नामों की सूची में 5 पर्वत, 2 भूमि क्षेत्र, 2 आवासीय क्षेत्र और 2 नदियां इसमें शामिल है। इससे पहले उसने 2018 और 2021 में ऐसा किया था। चीन ने 2017 में छह नामों की सूची तो 2021 में उसने अरुणाचल प्रदेश में 15 जगहों का नाम परिर्वतन किया था। भारत सरकार ने चीन के इन दावों को खारिज किया, कहा अरूणाचल प्रदेश भारत का हिस्सा है और इस पर किसी का अधिकार नहीं है।
