गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णु गुरुर्देवो महेश्वरा
गुरुर्साक्षात परब्रह्म तस्मै श्री गुरवे नमः
यानी गुरु ब्रह्मा हैं , गुरु विष्णु हैं , गुरु देव हैं , गुरु महेश्वर हैं
सच्चा गुरु , आँखों के समक्ष , सर्वोच्च ब्रह्मा , उस एक मात्र गुरु को में नमन करता हूँ .
हिंदू धर्म में गुरु पूर्णिमा का अत्यंत महत्व बताया गया है. गुरु पूर्णिमा हर वर्ष आषाढ़ मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाई जाती है.इस बार ये दिन बुधवार के दिन पड़ रहा हैं और ये दिन ग्रह – नक्षत्रो के हिसाब से बहुत महत्वपूर्ण होने वाला है . हर इंसान के जीवन में गुरु का बहुत महत्व होता है. कहते हैं कि 'बिना गुरू के ज्ञान कहां' यानी बिना गुरु के हम इस दूनिया में कुछ भी नहीं सीख सकते हैं. सभी धर्म के लोग अपने गुरु की पूजा करने के लिए साल मे एक विशेष दिन निर्धारित करते हैं और उस दिन अपने गुरु की पूजा कर उन्हें दान दक्षिणा देते हैं. इसे गुरु पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है. आइए जानते हैं क्यों मनाया जाता हैं गुरु पूर्णिमा और क्या है इसका महत्व.
इस दिन बनने वाले विशेष राजयोग के चलते ज्योतिषो के द्वारा जो उपाय बताये जायेंगे वो काफी असरकारक रहेंगे . इस दिन दान-पुण्य और ज्योतिष से जुड़े कई उपाय किए जाते हैं, जो आपके आने वाले जीवन में बदलाव ला सकते हैं . आपको बता दे आषाढ़ मास की पूर्णिमा के दिन महाभारत के रचयिता महर्षि वेद व्यास का जन्म हुआ था. उन्हीं की जन्म तिथि के उपलक्ष में गुरु पूर्णिमा मनाई जाती है और उनकी पूजा की जाती है . इस दिन मंगल, बुध, गुरु और शनि की स्थिति राजयोग बना रही है. इसके अलावा कई सालों बाद सूर्य-बुध की युति इस दिन बुधादित्य योग भी बन रहा है. गुरु पूर्णिमा के दिन बनने वाले बेहद खास योग की वजह से इस दिन पूजा या कोई भी उपाय करना काफी फलदायक रहेगा. गुरु ग्रह को मजबूत करने के लिए अपने इष्ट देव और गुरु की पूजा जरूर करें. इस छोटे से उपाय से आपके जीवन में आ रही कई बड़ी समस्याओं का समाधान मिल सकता है. जैसे बनते काम बिगड़ रहे हों, नौकरी में तरक्की, नौकरी में अड़चन, शादी में रुकावट आदि परेशानियों से निजात पाने के लिए गुरु पूर्णिमा के दिन पूजा और दान अवश्य करें.
इस दिन गुरु का ध्यान करते हुए गुरु मंत्र का जप करें, इसके पश्चात आप गुरु के घर मिष्ठान्न, फल और माला लेकर गुरु के घर पर जाएं और गुरु का चरण अपने हाथों से धोये . इसके बाद अपने गुरु की पूजा करते हुए उनका माल्यार्पण करें. साथ ही गुरु को मिष्ठान्न और फल खिलाएं. इसके बाद आप गुरु को इच्छा अनुसार दक्षिणा देकर गुरु का आशीर्वाद लें. कहते हैं कि जो व्यक्ति अपने जीवन में गुरु का सम्मान करते हैं, उनके जीवन में कभी कोई समस्या नहीं आती है वो लोग अपने जीवन में खूब तरक्की करते हैं .
