Monday, 5 October 2026
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जैसलमेर रेलवे स्टेशन का कायाकल्प: 140 करोड़ की लागत से तैयार नया भवन, एयरपोर्ट जैसी मिलेंगी सुविधाएं

संक्षेप में

जैसलमेर रेलवे स्टेशन का 140 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्विकास किया गया है, जिसे अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत आधुनिक सुविधाओं और हेरिटेज लुक के साथ तैयार किया गया है।

मुख्य बातें

  • पुनर्विकास लागत 140 करोड़ रुपये
  • दैनिक क्षमता 35 हजार यात्री
  • 8,327 वर्गमीटर का मुख्य भवन
जोधपुर संभाग
जैसलमेर रेलवे स्टेशन का कायाकल्प: 140 करोड़ की लागत से तैयार नया भवन, एयरपोर्ट जैसी मिलेंगी सुविधाएं

जैसलमेर रेलवे स्टेशन अब पूरी तरह से नए स्वरूप में तैयार है। 'अमृत भारत स्टेशन योजना' के तहत 140 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्विकसित इस स्टेशन का जल्द ही उद्घाटन किया जाएगा। हेरिटेज लुक और आधुनिक सुविधाओं से लैस यह स्टेशन पश्चिमी राजस्थान में पर्यटन का नया केंद्र बनेगा।

एयरपोर्ट जैसी आधुनिक सुविधाएं

मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी के मुताबिक, पुनर्विकसित स्टेशन को भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। करीब 8,327 वर्गमीटर के जी+2 मुख्य भवन में जैसलमेर के प्रसिद्ध स्वर्णिम पीले पत्थर का उपयोग किया गया है, जो इसे स्थानीय स्थापत्य कला के अनुरूप भव्य रूप देता है। यह स्टेशन प्रतिदिन लगभग 35 हजार यात्रियों को एयरपोर्ट जैसी आधुनिक सेवाएं प्रदान करेगा।

यात्रियों की सुविधा के लिए यहाँ 10 लिफ्ट, 10 एस्केलेटर और छह मीटर चौड़े दो फुट ओवरब्रिज बनाए गए हैं। इसके अलावा, स्टेशन पर विशाल एयर कॉनकोर्स, आधुनिक प्रतीक्षालय और 480 वर्गमीटर का वाणिज्यिक क्षेत्र भी विकसित किया गया है। तीनों प्लेटफॉर्मों को 10 हजार वर्गमीटर के आधुनिक शेड से कवर किया गया है ताकि हर मौसम में यात्रियों को राहत मिल सके।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

जैसलमेर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास पर कितनी लागत आई है?

जैसलमेर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास पर करीब 140 करोड़ रुपये की लागत आई है।

नया रेलवे स्टेशन कितनी क्षमता के साथ तैयार किया गया है?

नया स्टेशन प्रतिदिन लगभग 35 हजार यात्रियों को सुरक्षित और आरामदायक यात्रा अनुभव प्रदान करने के लिए तैयार किया गया है।

स्टेशन के निर्माण में किस पत्थर का उपयोग किया गया है?

स्टेशन के बाहरी हिस्से और निर्माण में जैसलमेर के प्रसिद्ध स्वर्णिम पीले पत्थर का उपयोग किया गया है, जिससे इसे हेरिटेज स्वरूप मिला है।