Monday, 5 October 2026
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जयपुर में कमर्शियल एरिया में चल रहे कोचिंग संस्थान: सुप्रीम कोर्ट ने JDA से मांगा जवाब, तीन हफ्ते में रिपोर्ट तलब

संक्षेप में

सुप्रीम कोर्ट ने जयपुर के कमर्शियल इलाकों में चल रहे कोचिंग संस्थानों को लेकर JDA से तीन हफ्ते के भीतर रिपोर्ट तलब की है। अदालत ने नाराजगी जताई कि अलग भवन होने के बावजूद संस्थान व्यावसायिक क्षेत्रों से चल रहे हैं और निर्धारित भवनों का अन्य संस्थाओं को आवंटन किया जा रहा है।

मुख्य बातें

  • सुप्रीम कोर्ट ने JDA को तीन हफ्ते में कार्रवाई की रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।
  • कोचिंग शिफ्टिंग के लिए बने भवनों का अन्य संस्थाओं को आवंटन मान्य नहीं होगा।
  • अपीलीय मामलों का निपटारा दो हफ्ते के भीतर करने का निर्देश दिया गया है।
  • यह मामला एक विशेष अनुमति याचिका (SLP) की सुनवाई के दौरान सामने आया।
जयपुर संभाग
जयपुर में कमर्शियल एरिया में चल रहे कोचिंग संस्थान: सुप्रीम कोर्ट ने JDA से मांगा जवाब, तीन हफ्ते में रिपोर्ट तलब

सुप्रीम कोर्ट ने जयपुर के कमर्शियल इलाकों में चल रहे कोचिंग संस्थानों को लेकर जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) से जवाब तलब किया है। जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और आर. महादेवन की बेंच ने सुनवाई के दौरान नाराजगी जताई कि अलग से बहुमंजिला भवन बनने के बावजूद कोचिंग संस्थान व्यावसायिक क्षेत्रों से संचालित हो रहे हैं। अदालत ने JDA को निर्देश दिया है कि वह तीन हफ्ते के भीतर उठाए गए कदमों की रिपोर्ट पेश करे।

सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि जिन भवनों का निर्माण कोचिंग संस्थानों को शिफ्ट करने के लिए किया गया था, उनका आवंटन दूसरी संस्थाओं को किया जा रहा है। इस पर बेंच ने साफ किया कि ऐसे आवंटन मान्य नहीं होंगे और इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का अंतिम फैसला ही सर्वोपरि होगा। तब तक इन भवनों पर किसी भी संस्था को स्थायी अधिकार नहीं मिलेगा।

मास्टर प्लान उल्लंघन और अतिक्रमण पर चिंता

मामले की सुनवाई के दौरान जयपुर के मास्टर प्लान से जुड़े गंभीर मुद्दे भी उठे। अदालत को जानकारी दी गई कि कई जगहों पर तय भूमि उपयोग के विपरीत अन्य गतिविधियों का संचालन हो रहा है। इसके अलावा लोगों की ओर से JDA को सौंपी गई जमीन का सही इस्तेमाल न होने और कई इलाकों में अतिक्रमण की शिकायतें भी सामने आईं। कोर्ट ने इन गड़बड़ियों को चिंताजनक बताया।

इसके साथ ही JDA से जुड़े अपीलीय मामलों में हो रही देरी पर भी अदालत ने सख्त रुख अपनाया। बेंच ने अपीलीय प्राधिकरण को निर्देश दिया कि ऐसे सभी मामलों का निपटारा दो हफ्ते के भीतर किया जाए। इस तय समयसीमा का कड़ाई से पालन कराने की जिम्मेदारी संबंधित पीठासीन अधिकारी की होगी।

क्या है पूरा मामला

यह पूरा प्रकरण एक विशेष अनुमति याचिका (SLP) में दिए गए आवेदन पर सुनवाई के दौरान सामने आया। याचिका में आरोप लगाया गया था कि शहर में भूमि उपयोग और बिल्डिंग बायलॉज के नियमों का पालन नहीं हो रहा है, जबकि मास्टर प्लान का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रभावी प्रशासनिक कार्रवाई का अभाव है। इससे पहले 25 मार्च 2026 को सुप्रीम कोर्ट इस मामले के दायरे को देशव्यापी बना चुका है और सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को इसमें पक्षकार बनाने के निर्देश दिए हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सुप्रीम कोर्ट ने जयपुर में कोचिंग संस्थानों को लेकर क्या निर्देश दिए हैं?

सुप्रीम कोर्ट ने जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) को निर्देश दिया है कि वह तीन हफ्ते के भीतर यह बताए कि कमर्शियल इलाकों से कोचिंग संस्थानों को हटाने के लिए क्या कार्रवाई की गई है और आगे क्या कदम उठाए गए हैं।

कोचिंग संस्थानों के लिए बने भवनों के आवंटन पर कोर्ट ने क्या कहा?

कोर्ट ने नाराजगी जताई कि कोचिंग शिफ्टिंग के लिए बने भवनों का आवंटन दूसरी संस्थाओं को किया जा रहा है। अदालत ने स्पष्ट किया कि ऐसे आवंटन मान्य नहीं होंगे और सुप्रीम कोर्ट का अंतिम फैसला ही इस पर मान्य रहेगा।

अपीलीय मामलों के निपटारे के लिए क्या समयसीमा तय की गई है?

सुप्रीम कोर्ट ने अपीलीय प्राधिकरण को निर्देश दिया है कि JDA से जुड़े सभी अपीलीय मामलों का निपटारा दो हफ्ते के भीतर किया जाए, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित पीठासीन अधिकारी की होगी।

यह मामला अदालत के संज्ञान में कैसे आया?

यह मामला एक विशेष अनुमति याचिका (SLP) में दायर आवेदन की सुनवाई के दौरान सामने आया, जिसमें मास्टर प्लान के उल्लंघन और नियमों की अनदेखी का आरोप लगाया गया था।