मुख्यमंत्री अशोक गहलोत चुनावी साल में पूरे प्रदेश में घूम-घूम कर महंगाई राहत कैंप के सहारे अपनी सरकार का जमकर प्रचार कर रहे है। वहीं दूसरी तरफ इन योजनाओं को आम जनता तक पहुंचाने वाले सरकारी विभागों में काम करने वाले कर्मचारी 2 महीनों से सड़कों पर आंदोलन करने पर मजबूर है। इनको सरकार की तरफ से लगातार आश्वासन मिल रहा है लेकिन इसके बाद भी वह सरकार की बात नहीं मान रहे है। इस दौरान दर्जनों कर्मचारियों की सेहत भी खराब हुई है और तो 5 की मौत भी हुई है।
कर्मचारी आमरण अनशन पर बैठे हैं लेकिन फिर भी सरकार इनसे बातचीत करने में ज्यादा रूची नहीं दिखा रही है। सरकार की अंनदेखी के कारण अब कर्मचारी सचिवालय स्थित सीएम ऑफिस का घेराव कर रहे हैं। पुलिस ने इस दौरान उनको सी-स्कीम चौराहे पर रोक लिया। कर्मचारियों ने गहलोत सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की तो विधानसभा चुनाव में देखने की बात कही है।
Rajasthan Ministerial Staff Strike: मंत्रालयिक कर्मचारियों का हल्ला बोल
5 मंत्रालयिक कर्मचारियों की हो चुकी है मौत
कर्मचारी महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष राजसिंह चौधरी ने कहा कि 64 दिन से हड़ताल पर है और 5 मंत्रालयिक कर्मचारी वीरगति को प्राप्त हो चूके है। सीएम की संवेदनहीनता के कारण कर्मचारी सड़कों पर रात गुजार रहे हैं। यदि जल्दी समाधान नहीं हुआ तो मुख्यमंत्री आवास का भी घेराव भी किया जाएगा।
