Monday, 5 October 2026
अभी का दौर

ओंकारेश्वर में एकात्म धाम के पंचायतन मंदिर का शिलान्यास: 80 हजार घन फीट गुलाबी बलुआ पत्थर से होगा निर्माण, 2028 सिंहस्थ से पहले निकलेगी एकात्म यात्रा

संक्षेप में

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ओंकारेश्वर के मांधाता पर्वत स्थित एकात्म धाम में पंचायतन मंदिर का शिलान्यास किया। गुलाबी बलुआ पत्थर से नागर शैली में बन रहे इस मंदिर में पंचदेवों की उपासना होगी, और 2028 के सिंहस्थ से पहले भव्य एकात्म यात्रा निकाली जाएगी।

मुख्य बातें

  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 27 अगस्त 2026 को ओंकारेश्वर में एकात्म धाम के पंचायतन मंदिर का शिलान्यास किया।
  • मंदिर के निर्माण में लगभग 80 हजार घन फीट नक्काशीदार गुलाबी बलुआ पत्थर का उपयोग हो रहा है।
  • वर्ष 2028 के सिंहस्थ से पूर्व एक भव्य एकात्म यात्रा निकाली जाएगी जिसका समापन सिंहस्थ के दौरान होगा।
मध्य प्रदेश
ओंकारेश्वर में एकात्म धाम के पंचायतन मंदिर का शिलान्यास: 80 हजार घन फीट गुलाबी बलुआ पत्थर से होगा निर्माण, 2028 सिंहस्थ से पहले निकलेगी एकात्म यात्रा

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को ओंकारेश्वर के मांधाता पर्वत पर स्थित एकात्म धाम में भव्य पंचायतन मंदिर का भूमिपूजन और शिलान्यास किया। रक्षाबंधन के पावन अवसर पर आयोजित इस समारोह में षड्दर्शन संत मंडल के संतों और विद्वान आचार्यों की उपस्थिति में 45 पवित्र शिलाओं का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजन किया गया।

इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घोषणा की कि वर्ष 2028 के सिंहस्थ महाकुंभ से पूर्व एक भव्य एकात्म यात्रा निकाली जाएगी, जिसका समापन सिंहस्थ के दौरान होगा। यह यात्रा देश और दुनिया तक भारतीय सनातन ज्ञान और संत परंपरा का संदेश पहुंचाएगी।

नागर शैली और सोमतिलक वास्तुकला की अनूठी मिसाल

प्राचीन पंचायतन शैली पर तैयार हो रहे इस मंदिर के केंद्र में भगवान शिव का मुख्य देवालय होगा, जबकि इसके चारों कोनों पर भगवान विष्णु, सूर्य, गणेश और भगवती शक्ति के उप-देवालय स्थापित किए जाएंगे। मंदिर का मुख्य शिखर 'सोमतिलक' शैली में और गर्भगृह 'सर्वतोभद्र' शैली में आकार ले रहा है, जिसमें चारों दिशाओं से प्रवेश की व्यवस्था होगी।

परिसर में 16 फीट ऊंचे आधारभूत अधिष्ठान 'जगति' पर कुल 100 कलात्मक नक्काशीदार स्तंभ और 8 लघु संवर्णा खड़े किए जाएंगे। इसके मुख्य मंडप में 26 फीट व्यास का विशाल कलात्मक गुंबद होगा। निर्माण कार्य में लगभग 80 हजार घन फीट नक्काशीदार गुलाबी बलुआ पत्थर का इस्तेमाल किया जा रहा है और पूरा मंदिर 121 कलशों से सुशोभित होगा।

आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक एकात्मता का केंद्र

शिलान्यास समारोह के बाद संतों और अतिथियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ओंकारेश्वर में आकार ले रहा एकात्म धाम केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि सनातन ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक एकात्मता का प्रमुख केंद्र बनेगा। जगद्गुरु आदि शंकराचार्य ने विभिन्न उपासना पद्धतियों के बीच समन्वय स्थापित करने के लिए पंचायतन पूजन की परंपरा को पुनः प्रतिष्ठित किया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संतों के आशीर्वाद से ओंकारेश्वर और उज्जैन दोनों ही धाम आंतरिक चेतना के वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित हो रहे हैं। यह दिव्य धाम आने वाली पीढ़ियों को भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिकता और चरित्र निर्माण की प्रेरणा देता रहेगा। आंध्रप्रदेश के श्री वेंकटेश्वर वेद विज्ञान पीठम् धर्मगिरि के प्राचार्य के.एस.एस. अवधानी और दक्षिणाम्नाय श्री शारदा पीठम् कर्नाटक के आचार्यों ने इस अनुष्ठान को संपन्न कराया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में संत, स्थानीय जनप्रतिनिधि और श्रद्धालु मौजूद रहे।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

ओंकारेश्वर में एकात्म धाम के पंचायतन मंदिर का शिलान्यास किसने किया?

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार, 27 अगस्त 2026 को ओंकारेश्वर के मांधाता पर्वत पर स्थित एकात्म धाम में पंचायतन मंदिर का शिलान्यास किया।

पंचायतन मंदिर की वास्तुकला और बनावट कैसी होगी?

यह मंदिर पारंपरिक नागर और सोमतिलक शैली में बनाया जा रहा है। इसके केंद्र में शिवजी और चारों कोनों पर विष्णु, सूर्य, गणेश और शक्ति के देवालय होंगे। इसमें 100 नक्काशीदार स्तंभ और 121 कलश होंगे।

एकात्म यात्रा कब और क्यों निकाली जाएगी?

वर्ष 2028 के सिंहस्थ महाकुंभ से पूर्व एक भव्य एकात्म यात्रा निकाली जाएगी, जिसका समापन सिंहस्थ के दौरान होगा। यह यात्रा भारतीय ज्ञान परंपरा और संत दर्शन का संदेश दुनिया तक पहुंचाएगी।

मंदिर के निर्माण में किस सामग्री का उपयोग किया जा रहा है?

मंदिर के निर्माण में लगभग 80 हजार घन फीट नक्काशीदार गुलाबी बलुआ पत्थर का उपयोग किया जा रहा है, जिसे 16 फीट ऊंचे आधारभूत अधिष्ठान 'जगति' पर स्थापित किया जा रहा है।