Monday, 5 October 2026
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यात्रा के अंतिम दिन पायलट ने दिखाई अपनी ताकत, समर्थक विधायकों ने गहलोत गुट पर बोला हमला

आपणो राजस्थान
यात्रा के अंतिम दिन पायलट ने दिखाई अपनी ताकत, समर्थक विधायकों ने गहलोत गुट पर बोला हमला

राजस्थान कांग्रेस में इन दिनों वर्चस्व की लड़ाई सड़क पर आ गई है। पायलट की पेपरलीक और करप्शन के खिलाफ अजमेर से शुरू की जनसंघर्ष यात्रा आज जयपुर में समाप्त हो गई। इस जनसभा में पायलट अगले सियासी कदम को लेकर बड़ा फैसला ले सकते है और इस वजह से दिल्ली बैठे नेताओं की चिंता बढ़ी हुई है। पायलट समर्थक विधायकों ने धमकी देते हुए अपनी सरकार को कहा कि वह पार्टी में ही रहेंगे और गहलोत सरकार उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाएगी।

यात्रा के अंतिम दिन पायलट के समर्थक भारी संख्या में जुटे जिसको देखकर हर कोई हैरान है। पायलट समर्थन हेमाराम चौधरी, राजेंद्र गुढ़ा, जीआर खटाना, वेद सोलंकी, सुरेश मोदी, पारीक, हरीश मीणा, खिकाड़ीलाल बैरवा, गिर्राज मलिंगा, दीपेंद्र सिंह शेखावत,मुकेश भाकर और रामनिवास गावडिया इसमें शामिल हुए।

11 मई को अजमेर में आरपीएससी के पास से पायलट ने जनसंघर्ष यात्रा शुरू की थी। पांच दिन में 125 किलोमीटर की दूरी तय करके यात्रा जयपुर में समाप्त हो चुकी है। इस यात्रा में उठाए गए बीजेपी राज के करप्शन को लेकर आने वाले दिनों बहुत ज्यादा घमासान देखने को मिल सकती है।

हेमाराम चौधरी ने पलटवार करते हुए कहा मुख्यमंत्री ने जिस तरह के आरोप लगाए हैं वह सही नहीं है। मैंने पैसे लिए है तो मुझे मंत्रिमंडल से बाहर कर दें। मुझे मंत्री क्यों बना रखा है? इसके बाद पायलट ने कहा मौसम बदल रहा है और यह सबको समझ में आ रहा है।

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पायलट कांग्रेस छोड़कर नहीं जाएंगे यह तो निश्चित हैं लेकिन वह गहलोत सरकार के खिलाफ इस तरह का प्रदर्शन करके अपनी ही सरकार को फिर से सत्ता में आने के लिए जनता से कैसे अपिल करेंगे। पायलट इस सभा में सरकार को कार्रवाई करने के लिए डेडलाइन दे सकते हैं और इसके बाद भी कुछ नहीं होता है तो वह कुछ बड़ा कदम उठा सकते है। पायलट सत्ता के विकेंद्रीकरण की मांग कर रहे है क्योंकि गहलोत गुट इस समय पूरी पावर में है। सरकार का प्रत्यके अहम विभाग गहलोत के पास है।