राजस्थान की राजनीति में इन दिनों बीजेपी और कांग्रेस में जबरदस्त गुटबाजी देखने को मिल रही है। लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा सचिन पायलट के बगावती तेवर को लेकर हो रही है, उन्होंने अपनी ही पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है लेकिन दिल्ली आलाकमान उन पर कार्यवाही करने से बच रहा है। इसके बाद पायलट ने अपने बगावती तेवर नरम नहीं पड़ रहे है और लगने लगा है कि उन्होंने पार्टी छोड़ने का मन बना लिया है।
पायलट को लेकर कई मीडिया चैनलों में खबर तेजी से वायरल हो रही है जिसमें दावा किया जा रहा है कि पायलट जल्द ही बड़ा धमाका करने वाले है। पायलट के समर्थक नेता भी पायलट को लेकर अपनी बात खुलकर रख रहे है और उन पर कार्यवाही होने पर देख लेने की धमकी दे रहे है। पायलट को अब लगने लगा है कि सीएम गहलोत के होते हुए उनको राजस्थान की कमान मिलना बहुत ही मुश्किल है।
पायलट को लेकर दावा किया जा रहा है कि उन्होंने राजनीति के चाणक्य कहे जाने वाले प्रशांत किशोर के साथ उनकी नजदिकयां बड़ रही है। क्योंकि पायलट ने साफ शब्दों में कह दिया है न तो डरने वाला हूं न ही पीछे हटने वाला हूं क्योंकि पायलट को लगने लगा है कि केंद्रीय नेतृत्व ने तय कर लिया है कि विधानसभा चुनाव गहलोत की अगुआई में ही लड़ा जाएगा।
इसी बीच, खबर आई है कि प्रशांत किशोर की कंपनी आईपैक को सचिन पायलट की राजनीतिक रणनीति बनाने का जिम्मेदारी दी गई है। इस खबर के बाद तो बहुत ज्यादा सस्पेंस बढ़ गया है क्योंकि पायलट को अब अपने अस्तिव की लड़ाई लड़नी ही पड़ेगी। पायलट को हनुमान बेनीवाल और आप पार्टी ने कई बार अलग होकर या उनके साथ मिलकर चुनाव लड़ने का प्रस्ताव दिया है।
Mahesh Joshi के खिलाफ फूटा लोगो का गुस्सा
पीके साथ अगर कोई डील हुई है तो फिर तीसरा मोर्चा बीजेपी और कांग्रेस के लिए बड़ी परेशानी बन सकता है। इस बात में कितनी सच्चाई है इसके बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है लेकिन फिर भी इस मामले को लेकर दिल्ली आलाकमान भी विचार विमर्श कर रहा होगा।
