मोबाइल फोन आज के जीवन का एक अहम हिस्सा बन गया है.हमारे दिन की शुरुआत भी मोबाइल फोन से होती है और हमारी शाम भी.बड़े की बात करो या बच्चों की तो सबको इसकी लत लग गयी है.आजकल के लोग अपनी परेशानी से बचने के लिए छोटे-छोटे बच्चों के हाथ में फोन पकड़ा देते है, वही बच्चों की आदत हो जाती है.जोकि बिलकुल ठीक नहीं है.मोबाइल वॉइस कॉलिंग, वीडियो चैटिंग, टेक्स्ट मैसेजिंग, इंटरनेट ब्राउज़िंग, ईमेल, वीडियो गेम और फोटोग्राफी के लिए हम युज करते है और इन सब चीजो के लिए हम अलग-अलग के ऐप डाउनलोड करते रहते हैं.जो हमारे लिए खतरनाक साबित होते है।
लेकिन अब केंद्र सरकार ने सभी मंत्रालयों के स्टाफ को संदिग्ध ऐप हटाने को कह दिया है ताकि राष्ट्रीय हित से जुड़ी गोपनीय सूचनाएं भी लीक न हों आइए बताते है आपको पुरा मामला क्या है..हम अकसर गूगल प्ले स्टोर से कई तरह के ऐप डाउनलोड करते रहते हैं..ऐसा करना कितना खतरनाक हो सकता है, इसका अंदाजा आपको शायद ही होगा..बता दे की.मीडिया सुत्रों के मुताबिक , इंडियन कम्प्यूटर इमरजेंसी रेस्पॉन्स टीम ने एक ऐसे स्पाइवेयर को खोज निकाला है, जो न सिर्फ फोन में मौजूद ईमेल आदि से जानकारियां चुराता है, बल्कि फोन के कैमरे का इस्तेमाल कर रिकॉर्डिंग भी करता है..जहां घर में फोन रखा हो, उसके आसपास होने वाली बातें सुनता है...यह स्पाइवेयर देश के 42 करोड़ एंड्रॉयड फोन में पहुंच चुका है..इसका नाम है ‘स्पिन ओके’, जो गूगल प्ले स्टोर में मौजूद 105 ऐप के जरिए फोन तक पहुंचा है.
इसे देखते हुए केंद्र सरकार ने सभी मंत्रालयों के स्टाफ को अपने मोबाइल फोन से संदिग्ध ऐप हटाने के निर्देश दिए हैं, ताकि राष्ट्रीय हित से जुड़ी गोपनीय सूचनाएं लीक न हों.आईटी मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, ‘स्पिन ओके’ बेहद खतरनाक है..यह बहुत कम समय में ही 42 करोड़ फोन तक पहुंच गया है.. यह ऐप के जरिए फोन में आता है और फिर जावा स्क्रिप्ट कोड के जरिए धीरे-धीरे कैपेसिटी बढ़ाता है..फोन में मौजूद डेटा की कॉपी कर उसे अज्ञात रिमोट सर्वर रूम तक पहुंचाता है.इतना ही नहीं, यह फोन से डिलीट कर दी गई फाइलों को भी हासिल कर लेता है
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यह फोन में मौजूद फाइलों में बदलाव भी कर सकता है.फोन के कैमरे का अपने आप ही इस्तेमाल करता है.जिन ऐप के जरिए यह स्पाइवेयर फोन में पहुंचता है, उनमें ज्यादातर ऑनलाइन कैश रिवॉर्ड, गेम्स, फिटनेस, वीडियो एडिटिंग, वीडियो मेकिंग, निवेश जैसी सेवाएं देने का दावा करते हैं..इनमें 10 प्रमुख एप नॉइस वीडियो एडिटर, जापया, बियूगो एमवी बिट, क्रेजी ड्रॉप्स, टिक, वी फ्लाई, कैश जॉइन, कैश ईएम और फिज्जो नोवेल शामिल हैं.जापया और नॉइस वीडियो एडिटर के 10 करोड़ यूजर्स हैं. बियूगो, एमवी बिट और वी फ्लाई के भी 5 करोड़ से ज्यादा यूजर हैं..बता दे की बैंक बिंगो स्लॉट, जैकपॉट किंग, लक्की जैकपॉट, बबल कनेक्ट, पिक प्रो, इंस्टाकैश, गोल्ड माइनर कॉइन्स, मैच फन 3डी, स्टेप काउंटर: कीप फिट, टीटी टयूब शार्ट वीडियो, कॉइन वाइब, कैसीनो रॉयल, लकी वर्ल्ड कप, ओह कैश, कैंडी गैस, मेम गुरू, पिक्स मेनिया जैसे कुल 105 ऐप संदिग्ध हैं..जिन पर
केंद्र सरकार ने सभी मंत्रालयों के स्टाफ को संदिग्ध ऐप हटाने को कहा है. अब सबके मन में सवाल तो यही होगा की.हमारे फोन में ये ऐप है या नही है..तो आपको बता दे की अलग-अलग विशेषज्ञों ने इस स्पाइवेयर से बचने के कुछ तरीके सुझाए हैं कई बार हम महसूस करते हैं कि फोन में बार-बार विज्ञापन बिना किसी वजह के खुल जाते हैं.ऐसे में पूरी आशंका है कि आपके फोन में स्पाइवेयर हो सकता है. इसलिए पिछले कुछ महीनों में डाउनलोड किए गए ऐप को अनइंस्टॉल करना ही बेहतर होगाऔर इससे बचने के लिए सबसे पहले एंड्राएड फोन में एंटीवायरस और एंटी स्पाइवेयर डाउनलोन करेंकिसी भी वेबसाइट या ऐप पर खुलने वाले विज्ञापनों पर क्लिक न करें..ई-मेल या अन्य माध्यमों से आने वाले अनजान लिंक पर क्लिक न करें..गूगल प्ले स्टोर से कोई भी ऐप डाउनलोड करने से पहले उसका रिव्यू जरूर पढ़ें..जो वेबसाइट भरोसेमंद न हो, उससे कोई भी ऐप डाउनलोड न करे और एंड्रायड फोन को समय-समय पर अपडेट करते रहें।
