Sunday, 4 October 2026
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पुणे के केतन अग्रवाल हत्याकांड में नया मोड़: मुख्य आरोपी के दोस्त रितेश हांगे को पुलिस ने किया गिरफ्तार

संक्षेप में

पुणे के बिल्डर केतन अग्रवाल हत्याकांड में पुलिस ने मुख्य आरोपी चेतन चौधरी के दोस्त रितेश हांगे को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया है कि 23 वर्षीय रितेश हत्या की साजिश में शामिल था और लगातार आरोपियों के संपर्क में था।

मुख्य बातें

  • रितेश हांगे को 4 सितंबर को गिरफ्तार किया गया और 12 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेजा गया है।
  • केतन अग्रवाल की हत्या 18 जून को पुणे के लोहगढ़ किले से नीचे धकेलकर की गई थी।
  • इस मामले में मंगेतर सिया गोयल और चेतन चौधरी पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं।
क्राइम
पुणे के केतन अग्रवाल हत्याकांड में नया मोड़: मुख्य आरोपी के दोस्त रितेश हांगे को पुलिस ने किया गिरफ्तार

पुणे के बिल्डर केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में पुलिस के हाथ एक और अहम सुराग लगा है। मुख्य आरोपी चेतन चौधरी के करीबी दोस्त रितेश हांगे को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया है कि 23 वर्षीय रितेश हत्या की साजिश में सीधे तौर पर शामिल था, हालांकि घटना के वक्त वह लोहगढ़ किले पर मौजूद था या नहीं, इसकी पुष्टि अभी नहीं हो पाई है।

पुणे ग्रामीण पुलिस के अनुसार, रितेश हांगे को 4 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था। उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 12 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। इस मामले में अब तक कुल तीन गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।

साजिश की परतें और तकनीकी सबूत

बीते 18 जून को पुणे के लोहगढ़ किले से कथित तौर पर नीचे धकेलकर केतन अग्रवाल की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने मृतक की मंगेतर सिया गोयल और चेतन चौधरी को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था।

पुणे ग्रामीण पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल ने बताया कि तकनीकी साक्ष्यों और डेटा रिकवरी के आधार पर रितेश की संलिप्तता के पुख्ता सबूत मिले हैं। पुलिस के मुताबिक, रितेश को हत्या की पूरी साजिश की जानकारी थी और वह लगातार चेतन चौधरी के संपर्क में था।

एसपी गिल ने बताया- "मुख्य आरोपियों सिया और चेतन ने हत्या की साजिश रची थी। चेतन शुरुआत से ही रितेश को इस योजना की जानकारी दे रहा था। तकनीकी और बयानों के आधार पर मिले साक्ष्यों के बाद उसे गिरफ्तार किया गया है।"

हत्या से पहले हुई थीं कई योजनाएं

जांच में खुलासा हुआ है कि केतन अग्रवाल को रास्ते से हटाने के लिए शुरुआत में सुपारी किलिंग यानी कॉन्ट्रैक्ट किलिंग पर भी चर्चा हुई थी, जिसकी जानकारी रितेश को थी। हालांकि, बाद में आरोपियों ने बाहर से किसी को हायर करने के बजाए खुद ही इस योजना को अंजाम देने का फैसला किया।

पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पहले केतन का गंभीर एक्सीडेंट कराने या उसके शरीर के किसी अंग को अपंग करने की साजिश रची थी ताकि सिया गोयल के साथ उसकी शादी टूट सके। अब पुलिस यह जांच कर रही है कि यह पूरा षड्यंत्र आखिरकार लोहगढ़ किले पर हत्या तक कैसे पहुंच गया।

व्हाट्सएप चैट और आर्थिक लेनदेन की जांच

जांचकर्ताओं ने मामले से जुड़े डिलीट किए गए व्हाट्सएप चैट रिकवर किए हैं, और डिजिटल साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच जारी है। पुलिस यह भी खंगाल रही है कि क्या चेतन और रितेश के बीच कोई वित्तीय लेनदेन हुआ था या नहीं।

घटना के बाद चेतन ने कथित तौर पर रितेश से मुलाकात की थी और उसे पूरी घटना की जानकारी दी थी। पुलिस अब हत्या से पहले और बाद के उनके कम्युनिकेशंस के सटीक क्रम को जोड़ने में जुटी है। फिलहाल पुलिस को इस साजिश में किसी अन्य व्यक्ति के शामिल होने के प्रमाण नहीं मिले हैं, लेकिन डिजिटल साक्ष्यों और रितेश की हरकतों के आधार पर जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

पुणे के केतन अग्रवाल हत्याकांड में अब तक कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं?

इस मामले में अब तक कुल तीन गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। हाल ही में मुख्य आरोपी चेतन चौधरी के दोस्त रितेश हांगे (23) को 4 सितंबर को गिरफ्तार किया गया है, जबकि मंगेतर सिया गोयल और चेतन चौधरी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।

रितेश हांगे की गिरफ्तारी का आधार क्या है?

पुलिस के मुताबिक, तकनीकी साक्ष्यों, रिकवर किए गए डेटा और गवाहों के बयानों के आधार पर रितेश की हत्या की साजिश में संलिप्तता पाई गई है, जिसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया।

केतन अग्रवाल की हत्या कब और कहां हुई थी?

केतन अग्रवाल की हत्या 18 जून को पुणे जिले के लोहगढ़ किले से नीचे धकेलकर की गई थी।

पुलिस रितेश हांगे के संबंध में किन बिंदुओं पर जांच कर रही है?

पुलिस यह जांच कर रही है कि घटना के वक्त रितेश लोहगढ़ किले पर मौजूद था या नहीं। इसके अलावा डिलीट किए गए व्हाट्सएप चैट, डिजिटल साक्ष्यों और दोनों के बीच किसी वित्तीय लेनदेन की भी गहराई से पड़ताल की जा रही है।