Monday, 5 October 2026
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राजस्थान निकाय और पंचायत चुनाव: 5.45 करोड़ मतदाता करेंगे मतदान; दो चरणों में निकाय और चार चरणों में होंगे ग्रामीण चुनाव

संक्षेप में

राजस्थान में आगामी नगरीय निकाय और पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने रूपरेखा स्पष्ट कर दी है। प्रदेश के 5.45 करोड़ पंजीकृत मतदाता इन चुनावों में हिस्सा लेंगे, जिसमें शहरी निकाय चुनाव दो चरणों में और ग्रामीण पंचायत चुनाव चार चरणों में संपन्न होंगे।

मुख्य बातें

  • प्रदेश में कुल 5 करोड़ 45 लाख मतदाता पंजीकृत हैं।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में 4.43 करोड़ और शहरी क्षेत्रों में 1.02 करोड़ मतदाता हैं।
  • नगरीय निकाय चुनाव दो चरणों में और पंचायती राज चुनाव चार चरणों में होंगे।
  • चुनाव लड़ने के लिए न्यूनतम आयु 21 वर्ष तय की गई है।
  • नगरीय निकाय के एक चरण के लिए 60,000 कर्मचारी और 500 पुलिसकर्मी चाहिए
  • पंचायती राज के एक चरण के लिए यह संख्या 80,000 कर्मचारी और 7,000 पुलिसकर्मी
जयपुर संभाग
राजस्थान निकाय और पंचायत चुनाव: 5.45 करोड़ मतदाता करेंगे मतदान; दो चरणों में निकाय और चार चरणों में होंगे ग्रामीण चुनाव

राजस्थान में आगामी नगरीय निकाय और पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों की तस्वीर साफ हो गई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने पूरी चुनावी प्रक्रिया की रूपरेखा स्पष्ट करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि प्रदेश में इस बार 5 करोड़ 45 लाख से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और मतदान केंद्रों का निर्धारण भी कर दिया गया है।

राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने चुनावों की घोषणा से जुड़ी विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में कुल पंजीकृत मतदाताओं की संख्या 5 करोड़ 45 लाख है। इनमें से 4 करोड़ 43 लाख मतदाता ग्रामीण अंचल से आते हैं, जबकि 1 करोड़ 2 लाख मतदाता शहरी निकायों के अंतर्गत पंजीकृत हैं। मतदान प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 45,000 और शहरी क्षेत्रों में करीब 16,000 मतदान केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं।

दो चरणों में निकाय और चार चरणों में होंगे ग्रामीण चुनाव

चुनाव संचालन के तय कार्यक्रम के अनुसार, प्रदेश में सबसे पहले नगरीय निकायों के चुनाव कराए जाएंगे। शहरी क्षेत्रों में निकाय चुनाव कुल दो चरणों में संपन्न होंगे। इन चुनावों की सबसे बड़ी विशेषता यह होगी कि शहरी इलाकों में मतदान ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) के जरिए एक ही दिन में पूरा करा लिया जाएगा, जिससे परिणाम और प्रक्रिया दोनों में तेजी आएगी।

इसके ठीक विपरीत, ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव चार चरणों में आयोजित किए जाएंगे। ग्रामीण इलाकों की भौगोलिक स्थिति और बड़े दायरे को देखते हुए मतदान दलों को करीब चार दिनों तक गांवों में ही रहकर चुनाव संपन्न कराने होंगे। पंचायत चुनाव की तकनीकी व्यवस्था पर बात करते हुए आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव ईवीएम से कराए जाएंगे, जबकि जमीनी स्तर पर होने वाले वार्ड पंच और सरपंच पद के चुनाव पारंपरिक बैलेट बॉक्स (मतपेटियों) के माध्यम से ही संपन्न होंगे।

प्रशासनिक ढांचा और संस्थाओं की स्थिति

राजस्थान में होने वाले इन त्रिस्तरीय और नगरीय चुनावों के दायरे में राज्य का पूरा प्रशासनिक ढांचा शामिल है। वर्तमान आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में कुल 254 नगरपालिकाएं, 45 नगर परिषदें और 10 बड़े नगर निगम काम कर रहे हैं।

ग्रामीण प्रशासनिक ढांचे की बात करें तो चुनाव के दायरे में कुल 14,403 ग्राम पंचायतें, 457 पंचायत समितियां और 41 जिला परिषदें शामिल हैं। इन सभी स्थानीय निकायों और पंचायतों के गठन के लिए राजनीतिक दलों के साथ-साथ प्रशासनिक मशीनरी ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी जिला कलेक्टरों और जिला निर्वाचन अधिकारियों को अपने-अपने जिलों में संवेदनशील और अतिसंवेदनशील बूथों की पहचान कर वहां अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात करने के निर्देश दे दिए हैं।

युवाओं से आयोग की अपील

स्थानीय स्वशासन के इन चुनावों में खड़े होने वाले प्रत्याशियों के लिए आयोग ने पात्रता नियम स्पष्ट कर दिए हैं.। आयोग के नियमों के मुताबिक, नगरीय निकाय और पंचायती राज संस्थाओं का चुनाव लड़ने के लिए न्यूनतम आयु 21 वर्ष तय की गई है।

इस बीच, राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रदेश के युवाओं से एक विशेष अपील की है। आयोग ने कहा है कि युवा पीढ़ी को चुनावों के दौरान धर्म, जाति या संप्रदाय की संकीर्ण राजनीति से ऊपर उठना चाहिए। युवाओं को स्थानीय विकास, बुनियादी सुविधाओं, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे ठोस मुद्दों को चुनावी बहस के केंद्र में लाना चाहिए ताकि जमीनी स्तर पर जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही तय की जा सके। चुनाव आयोग जल्द ही आचार संहिता लागू होने की तारीखों का आधिकारिक ऐलान भी कर सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

राजस्थान में कुल कितने मतदाता निकाय और पंचायत चुनावों में मतदान करेंगे?

राजस्थान में 10 नगर निगम, 45 नगर परिषदें और 254 नगर पालिकाएं हैं। ग्रामीण स्तर पर 14,403 ग्राम पंचायतें, 457 पंचायत समितियां और 41 जिला परिषदें हैं।

नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव कितने चरणों में संपन्न होंगे?

राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव दो चरणों में और पंचायती राज चुनाव चार चरणों में होते हैं। शहरी क्षेत्र में वार्ड सदस्य का चुनाव सीधे होता है जबकि अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव अप्रत्यक्ष रूप से निर्वाचित सदस्यों द्वारा होता है।

ग्रामीण क्षेत्रों में मतदान किस माध्यम से कराया जाएगा?

सरपंच और वार्ड पंच का चुनाव बैलेट बॉक्स के माध्यम से होता है। जबकि पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य का चुनाव EVM के माध्यम से कराया जाता है।

आचार संहिता के अहम नियम

घोषणा के दिन से transfer-posting और नई विकास घोषणाएं बंद हो जाती हैं। धर्म-जाति के आधार पर वोट मांगना, धार्मिक स्थलों का राजनीतिक उपयोग और सार्वजनिक दीवारों पर पोस्टर चिपकाना प्रतिबंधित है।

राज्य आयोग बनाम केंद्रीय आयोग

दोनों संस्थाएं पूरी तरह स्वतंत्र हैं। केंद्रीय चुनाव आयोग लोकसभा-विधानसभा चुनाव कराता है, राज्य आयोग पंचायत और निकाय चुनाव। वोटर लिस्ट भी अलग-अलग बनती है।

पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव की प्रक्रिया क्या है?

राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव दो चरणों में और पंचायती राज चुनाव चार चरणों में होते हैं। शहरी क्षेत्र में वार्ड सदस्य का चुनाव सीधे होता है जबकि अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव अप्रत्यक्ष रूप से निर्वाचित सदस्यों द्वारा होता है।