Monday, 5 October 2026
अभी का दौर

राजस्थान निकाय-पंचायत चुनाव: भाजपा प्रदेश कार्यालय में मंथन, मदन राठौड़ बोले- 'उपचुनाव की तरह हर स्तर पर जीत दोहराएंगे'

संक्षेप में

राजस्थान में पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों की तैयारियों के बीच जयपुर में भाजपा प्रदेश कार्यालय में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ की मौजूदगी में चुनाव संचालन समिति की अहम बैठक हुई, जिसमें बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने की रणनीति बनाई गई।

मुख्य बातें

  • जयपुर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में चुनाव संचालन समिति की बैठक हुई
  • बैठक में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ मौजूद रहे
  • मदन राठौड़ ने उपचुनावों में 80% से अधिक सीटों पर जीत का दावा किया
  • राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदान में पहचान पत्र अनिवार्य करने के निर्देश दिए
जयपुर संभाग
राजस्थान निकाय-पंचायत चुनाव: भाजपा प्रदेश कार्यालय में मंथन, मदन राठौड़ बोले- 'उपचुनाव की तरह हर स्तर पर जीत दोहराएंगे'

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राजस्थान में पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों की हलचल तेज हो गई है। जयपुर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में शनिवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मौजूदगी में 'नगरीय निकाय एवं पंचायत चुनाव संचालन समिति' की बैठक हुई, जिसमें बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने की रणनीति पर मंथन किया गया।

बैठक में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़, प्रदेश संगठन महामंत्री अजेय कुमार समेत पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान आगामी चुनावों के लिए बूथ प्रबंधन, कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियों और चुनाव संचालन की रूपरेखा पर चर्चा की गई।

उपचुनाव के नतीजों पर जोर

बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि पार्टी पूरी तरह चुनावी मोड में काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि हाल के उपचुनावों में पार्टी ने 80 प्रतिशत से अधिक सीटों पर जीत दर्ज की है। राठौड़ ने खास तौर पर उल्लेख किया कि कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के विधानसभा क्षेत्र में हुए पंचायत समिति उपचुनाव में भी भाजपा ने जीत हासिल की थी।

विपक्ष पर निशाना साधते हुए राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस नेता भाजपा की सफलताओं पर बात करने के बजाय आपसी खींचतान और एक-दूसरे को पछाड़ने की होड़ में उलझे हुए हैं।

निर्वाचन आयोग की तैयारियां तेज

एक तरफ जहां राजनीतिक दल चुनावी रणनीति तैयार करने में जुटे हैं, वहीं राज्य निर्वाचन आयोग ने भी मतदान प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए कमर कस ली है। आयोग ने सभी जिलों को निर्देश जारी कर फर्जी मतदान रोकने के वास्ते मतदाताओं की पहचान का कड़ाई से सत्यापन करने को कहा है। इसके तहत मतदान केंद्र पर फोटोयुक्त पहचान पत्र या आयोग के मान्य वैकल्पिक दस्तावेज दिखाना अनिवार्य किया गया है।

दूसरी ओर, ओबीसी आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव कार्यक्रम घोषित किए जाने की संभावना है। आरक्षण का काम फाइनल होते ही तारीखों के ऐलान का रास्ता साफ हो जाएगा, जिसके बाद राज्य में चुनाव आचार संहिता लागू होने की प्रक्रिया शुरू होगी।