Monday, 5 October 2026
अभी का दौर

राजस्थान में बिना पब्लिक ड्राफ्ट लागू होगी नई जन आवास नीति!

संक्षेप में

राजस्थान सरकार नई जन आवास नीति को बिना सार्वजनिक ड्राफ्ट जारी किए लागू करने की तैयारी में है, जिससे वर्षों पुरानी परंपरा बदल सकती है। नगरीय विकास विभाग के अनुसार बिल्डर-डेवलपर्स, रियल एस्टेट संगठनों और अन्य हितधारकों के साथ पर्याप्त चर्चा हो चुकी है, इसलिए ड्राफ्ट को आम जनता के सुझाव और आपत्तियों के लिए सार्वजनिक करना आवश्यक नहीं है।

मुख्य बातें

  • राजस्थान सरकार नई जन आवास नीति का ड्राफ्ट सार्वजनिक किए बिना लागू करने की तैयारी में है।
  • नई जन आवास नीति का मसौदा पिछले करीब 21 महीनों से लंबित है।
  • जयपुर में डीएलसी दरें बढ़ाने के फैसले का विरोध तेज हो गया है।
आपणो राजस्थान
राजस्थान में बिना पब्लिक ड्राफ्ट लागू होगी नई जन आवास नीति!

राजस्थान सरकार नई जन आवास नीति को बिना सार्वजनिक ड्राफ्ट जारी किए लागू करने की तैयारी में है, जिससे वर्षों पुरानी परंपरा बदल सकती है। नगरीय विकास विभाग के अनुसार  बिल्डर-डेवलपर्स, रियल एस्टेट संगठनों और अन्य हितधारकों के साथ पर्याप्त चर्चा हो चुकी है, इसलिए ड्राफ्ट को आम जनता के सुझाव और आपत्तियों के लिए सार्वजनिक करना आवश्यक नहीं है। हालांकि, इस फैसले को लेकर पारदर्शिता और जनभागीदारी पर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि जन आवास नीति सीधे भू-खंड खरीदारों, आवासीय परियोजनाओं, कॉलोनियों और शहरी विकास से जुड़ी है। विशेषज्ञों का मानना है कि जनता से राय नहीं लेने पर उपभोक्ताओं की व्यावहारिक समस्याएं नीति से बाहर रह सकती हैं और भविष्य में विवाद या संशोधन की स्थिति बन सकती है। उल्लेखनीय है कि इस नीति का मसौदा पिछले करीब 21 महीनों से लंबित है और सरकार व बिल्डरों के बीच खींचतान तथा प्रशासनिक देरी के कारण इसे अंतिम मंजूरी नहीं मिल सकी। इसी बीच जयपुर में डीएलसी दरें बढ़ाने के फैसले का भी विरोध शुरू हो गया है। पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने आरोप लगाया कि बढ़ी हुई डीएलसी दरों से जमीन, मकान, रजिस्ट्री, स्टांप ड्यूटी और बैंक ऋण महंगे होंगे, जिससे आम लोगों और मध्यम वर्ग पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। उन्होंने सरकार से यह फैसला वापस लेने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि ऐसा नहीं होने पर कांग्रेस सड़क से सदन तक आंदोलन करेगी।  

 

 

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

नई जन आवास नीति को लेकर क्या बड़ा बदलाव प्रस्तावित है?

सरकार ड्राफ्ट सार्वजनिक किए बिना नीति लागू करने की तैयारी कर रही है।

जन आवास नीति का मसौदा कितने समय से लंबित है?

करीब 21 महीनों से।