राजस्थान में चुनावी साल से पहले बीजेपी और कांग्रेस के नेताओं में जबरदस्त जुबानी जंग छिड़ चुकी है। इस जंग में नेताओं के मन से वह राज सबके सामने आ रहे है जो सरकार गिराने और बचाने से जुड़े हुए है। पायलट ने अपनी ही सरकार से बगावत कर गहलोत सरकार को गिराने का प्रयास किया था और उस समय बीजेपी के नेताओं पर ऐसा करने का आरोप सीएम गहलोत ने लगाया था।
लेकिन उस समय बीजेपी के कई विधायक इस मामले के खिलाफ थे और इस बात को सीएम गहलोत ने पहली बार स्वीकार करते हुए कहा कि मेरी सरकार गिराने से बची उसका कारण पूर्व सीएम वसुंधरा राजे है।
हनुमानगढ़ के रावतसर में गहलोत ने कहा कि भैरोंसिंह शेखावत की सरकार गिराने के षड्यंत्र में शामिल नहीं था। इसी बात की तुलना करते हुए हुए उन्होंने कहा कि मेरी सरकार पर पायलट खेमे की बगावत से सरकार गिराने की साजिश रची गई लेकिन वह सफल नहीं हुई। भैरोसिंह शेखावत जब सीएम थे और बीमार हो गए थे। उनके पीछे से उनके ही लोगों ने सरकार गिराने का षड्यंत्र रचा लेकिन मैं प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष था तो मैंने कहा मैं आपका साथ नहीं दूंगा।
इसी लाइन पर अगर वसुंधरा राजे और कैलाश मेघवाल ने कहा कि राजस्थान में सरकार गिराने की परंपरा नहीं रही है, तो इसमें उन्होंने कुछ गलत नहीं कहा। इस बयान के बाद यह लग रहा है कि उस समय राजे ने गहलोत सरकार बचाने का प्रयास किया था जो सफल हुआ।
