ट्री मैन के नाम से अपनी पहचान बनाने वाले हिम्मतराम भांभू ने अबतक पांच लाख से ज्यादा पौधे लगाने का काम किया है तो जोधपुर जिले के राणेरी गांव निवासी खान जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल और जोधपुर रिफ फेस्टिवल में अपनी कला से सबको प्रभावित किया है। अर्जुन सिंह शेखावत ने 20 से ज्यादा पुस्तके लिखने का काम किया है तो राजसमंद जिले के पिपलांत्री गांव के पूर्व सरपंच श्याम सुंदर पालीवाल को भी नवाजा गया है। उस्ताद अनवर खां मांगणियार ने अपनी कला को देश-विदेश तक पहुंचाने का काम किया है।
कोरोना काल के कारण इन पुरस्कारों को देने में देरी हुई थी इसी वजह से 141 लोगों को वर्ष 2020 के लिए और 2021 के लिए 119 लोगों को पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा। राजस्थान के खाते में इस बार कुल 8 पद्मश्री पुरस्कार आये है जिसमें अलवर की ऊषा देवी और बगरू के गोसेवक और भजन गायक रमजान खान उर्फ मुन्ना मास्टर जैसे महान लोगों के नाम है। इस सभी लोगों के द्वारा किया गया काम बहुत ही सराहनीय होने के साथा पूरे समाज को संदेश भी देता है।
