राजस्थान कांग्रेस में अब पायलट और गहलोत गुट की जंग अब आर-पार होने की कगार पर पहुंच चुकी है। पायलट ने अपनी ही सरकार को 15 का अल्टीमेटम देकर अपनी 3 मांगे मानने पर मजबूर कर दिया है जो गहलोत सरकार के लिए परेशानी बन गया है। सरकार एक तरफ तो महंगाई राहत कैंप का आयोजन कर रही है वहीं दूसरी तरफ पायलट ने अपनी ही सरकार की बखिया उधेड़ने में लगे हुए है। पायलट समर्थक विधायकों ने अपनी ही सरकार को घेरते हुए कहा है कि जो आरोप लगाए जा रहे है उनके सबूत दो नहीं तो माफी मांगों।
पायलट के बाद गहलोत गुट का पलटवार शुरू होना तो बनता ही था। इस बार मौर्चा संभाला गहलोत समर्थक मंत्री महेश जोशी, रामलाल जाट और सुभाष गर्ग ने जमकर आरोप लगाए।
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गहलोत समर्थक चेतन डूडी ने कहा पायलट युवाओं को भ्रमित कर रहे है और बीजेपी नेताओं से मिलकर अपनी ही सरकार पर सवाल खड़े कर रहे है। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से मिलीभगत कर यह साजिश रची जा रही है।
वहीं मंत्री सुभाष गर्ग ने पायलट पर सरकार रिपीट नहीं होने की सुपारी लेने का आरोप जड़ दिया, वह यही नहीं रूके उन्होंने ये बात आलाकमान जानता है या नहीं कि सरकार रिपीट न हो इस बात की सुपारी किस-किस ने ली है? प्रदेश में बजट व महंगाई राहत कैम्प अभियान के बाद जो माहौल बना है वो सुपारी लेने वालों के गले नहीं उतर रहा है।
जलदाय मंत्री महेश जोशी ने पायलट पर पलटवार करते हुए कहा अत्यंत आश्चर्यजनक और खेदजनक है कि जिम्मेदार लोग अपनी ही सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं। अपनी ही सरकार पर आरोप लगाने से पहले उन्हें ये सोचना था कि वे ये आरोप खुद पर भी लगा रहे हैं।
रामलाल जाट ने कहा कांग्रेस सरकार में भ्रष्टाचार और पेपर लीक के खिलाफ एक्शन हो रहे है और अपने ही लोग ऐसे सवाल खड़े रहे है।
दोनों गुटों की बयानबाजी दिल्ली बैठे नेताओं के लिए सिर दर्द बन गई है क्योंकि अगर दोनों के खिलाफ कोई कार्रवाई की जाती है तो नुकसान पार्टी को होगा। लेकिन पायलट ने 15 दिन का समय देकर सरकार के साथा दिल्ली आलाकमान को भी आगाह कर दिया है कि अब वह रूकने वाले नहीं है क्योंकि उनकी मांगे गलत नहीं है।
