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भरतपुर संभाग

धौलपुर में चंबल नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा

राजस्थान के धौलपुर जिले में मध्यप्रदेश सीमा के पास बह रही चंबल नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने से तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। बुधवार शाम करीब 6 बजे नदी का जलस्तर 130.15 मीटर पहुंच गया, जो खतरे के निशान से महज 0.64 मीटर नीचे है। जल संसाधन विभाग के अनुसार पानी की आवक इसी रफ्तार से जारी रही तो चंबल जल्द खतरे के निशान को पार कर सकती है। हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने तटीय और निचले इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है।

प्रकाशित: Aug 13, 2026 17:15रिपोर्ट: Monika RathoreChambal River, Dholpur, Rajasthan

मुख्य बातें

  • चंबल नदी का जलस्तर 130.15 मीटर पहुंचा।
  • खतरे के निशान से महज 0.64 मीटर नीचे पानी।
  • तटीय गांवों में प्रशासन ने अलर्ट और निगरानी बढ़ाई।
  • जरूरत पड़ने पर निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाएगा।

धौलपुर में चंबल नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा, खतरे के निशान से 0.64 मीटर दूर; प्रशासन अलर्ट

राजस्थान के धौलपुर जिले में मध्यप्रदेश सीमा के पास बह रही चंबल नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने से तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। बुधवार शाम करीब 6 बजे नदी का जलस्तर 130.15 मीटर पहुंच गया, जो खतरे के निशान से महज 0.64 मीटर नीचे है। जल संसाधन विभाग के अनुसार पानी की आवक इसी रफ्तार से जारी रही तो चंबल जल्द खतरे के निशान को पार कर सकती है। हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने तटीय और निचले इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है।

1. खतरे के निशान के करीब पहुंचा पानी

चंबल नदी का जलस्तर शाम 6 बजे 130.15 मीटर दर्ज किया गया। खतरे के निशान से केवल 0.64 मीटर नीचे होने के कारण प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी है। पानी लगातार बढ़ने पर तटीय गांवों में बाढ़ का खतरा पैदा हो सकता है।

2. नवनेरा बैराज से छोड़ा गया भारी पानी

जलस्तर बढ़ने की प्रमुख वजह नवनेरा बैराज से करीब 4.15 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जाना बताई जा रही है। नवनेरा बैराज चंबल की प्रमुख सहायक नदी कालीसिंध पर बना है। भारी मात्रा में पानी की आवक से चंबल नदी का जलस्तर तेजी से ऊपर आया है।

3. प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी

जलस्तर बढ़ने की सूचना मिलते ही धौलपुर तहसीलदार मुकेश मीणा प्रशासनिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे और चंबल के तटीय क्षेत्रों का निरीक्षण किया। संवेदनशील और निचले इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। प्रशासन की टीमें लगातार नदी के जलस्तर और आसपास की स्थिति पर नजर रख रही हैं।

4. अधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट रहने के निर्देश

तहसीलदार, पटवारी, गिरदावर और ग्राम पंचायतों के सरपंचों को अपने-अपने क्षेत्रों में 24 घंटे सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को कहा गया है कि जलस्तर में किसी भी बदलाव या आपात स्थिति की जानकारी तुरंत उच्च अधिकारियों तक पहुंचाई जाए, ताकि समय रहते जरूरी कदम उठाए जा सकें।

5. ग्रामीणों से नदी से दूर रहने की अपील

जिला प्रशासन ने चंबल किनारे बसे गांवों के लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। ग्रामीणों को नदी के आसपास नहीं जाने और बच्चों व मवेशियों को नदी तट से दूर रखने की हिदायत दी गई है। साथ ही लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने को कहा गया है।

जरूरत पड़ने पर शुरू होगा राहत-बचाव अभियान

तटीय गांवों में आपातकालीन टीमें सक्रिय कर दी गई हैं। यदि चंबल नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार करता है तो निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी है। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य के लिए भी आवश्यक इंतजाम किए हैं। फिलहाल प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

चंबल का जलस्तर कितना पहुंचा?

130.15 मीटर।

खतरे के निशान से कितनी दूर है?

0.64 मीटर नीचे।

पानी कहां से छोड़ा गया?

नवनेरा बैराज से।