राजस्थान हाईकोर्ट ने जयपुर बम ब्लास्ट के चारों आरोपियों को बरी कर दिया जिसके बाद लोगों में जबरदस्त आक्रोश देखने को मिल रहा है। जनता सरकार से सवाल कर रही है कि अगर ये लोग दोषी नहीं है तो गुनहगार कौन है। हाईकोर्ट जस्टिस पंकज भंडारी और समीर जैन की बेंच ने कहा कि अच्छी तरह से तथ्य नहीं रखे गए है। यह घटना लोगों की भावना से जुडी है लेकिन कोर्ट कानून और सबूतों के आधार पर निर्णय देता है।
13 मई 2008 को जयपुर में सीरियल ब्लास्ट में 70 से ज्यादा लोगों की जान गई थी। जिसमें 200 लोग घायल हुए थे और 2019 में जिला कोर्ट ने 4 आरोपियों मोहम्मद सैफ, सैफुर्रहमान, सरवर आजमी और मोहम्मद सलमान को फांसी की सजा सुनाई थी।
