राजस्थान के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि जब किसी भर्ती का पेपर लीक होने के बाद भी सरकार जश्न मनाती रही और पेपर लीक पर सवाल उठाने वालों को धमकी देती रही है। लेकिन इस बार रीट लीक के मास्टर माइंड भजन लाल ने 4 माह बाद इतने बड़े खुलासे किए है कि सरकार से इसका जवाब बनते नहीं आ रहा है। सरकार ने कहा कि इतने बड़ी भर्ती में एक दो जगह पेपर लीक की घटना हो सकती है जो कोई बड़ी बात नहीं है। लेकिन भजन लाल के खुलासे के बाद साफ हो गया है कि पेपर एक दिन पहले ही आउट हो गया था।
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REET पेपर लीक मामले में खुलासा हुआ है कि एग्जाम से पहले ही रीट का पेपर गंगापुर सिटी के एक स्कूल सेंटर पर बांटा गया था। पेपर बांटने के लिए यहां प्रिंटर लगाकर लोगों से मोटी रकम वसूली गयी थी। भजन लाल के खुलासे के बाद एसओजी ने दो आरोपियों को गिरफ्तार भी किया है। अगर लोगों को इतने बड़े स्तर पर पेपर बांटा गया है तो इस भर्ती की जांच सीबीआई से नहीं कराने और इसका विरोध करने वालों की मांग पर ध्यान नहीं देना कई सवाल खड़े करता है।
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भजनलाल ने परीक्षा से एक दिन पहले ही पेपर को व्हाट्स ऐप पर पेपर लीक कर दिया था और इसके बाद रवि मीना के स्कूल में पेपर का अलग से प्रिंट निकालने के लिए प्रिंटर की व्यवस्था कई लोगों को पेपर बांटा गया था। इस बात पर सवाल खड़े हो रहे है कि अगर इतने बड़े स्तर पर पेपर आउट हुआ है तो पुलिस उन सबको कैसे गिरफ्तार करेगी और सरकार इस मामले को लेकर इतनी बड़ी लापरवाही कैसे बरत रही है। अगर पेपर जिनके पास आया है उन लोगों ने भी पेपर को कई लोगों में बांटा होगा तो पेपर का लीक होना बड़े स्तर पर दर्शा रहा है।
अगर सरकार पेपर का कैंसिल करती है तो लाखों लोगों को नुकसान होगा और सरकार की छवी खराब होगी और इसी वजह से सरकार पेपर लीक पर इतना ज्यादा ध्यान नहीं दे रही है। चोर एक रूपए की हो या लाख की चोरी चोरी होती है लेकिन सरकार पेपर लीक के बाद भी अपना बचाव कर रही है और इसे बड़ी सफलता बता रही है। भजनलाल ने पहले एसओजी ने पृथ्वीलाल मीना, बत्तीलाल मीना, दिलखुश पुत्र हैडकांस्टेबल यदुवीर सिंह, कांस्टेबल देवेंद्र सिंह, दिगम्बर सिंह, परमवीर सिंह, सीमा, लक्ष्मी, ऊषा, मनीषा, आशीष सहित 30 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।
