कोरोना के वैरिंएट ओमिक्रॉन वायरस के बढ़ते खतरे के बीच राजस्थान में भी नई गाइडलाइन जारी के अटकले तेजी हो गयी है। सीएम गहलोत ने कहा कि ओमिक्रॉन का खतरा बढ़ता ही जा रहा है और प्रदेशवासियों को इस खतरे से बचाने के लिए आने वाले दिनों कुछ जरूरी कदम उठाये जा सकते हैं। सीएम ने कहा कि कई राज्यों ने कोरोना के खतरे को देखते हुए सख्त कदम उठाने शुरू कर दिये है।
जनवरी में ओमिक्रॉन की तीसरी लहर से बच्चों पर बरपेगा कहर!
शादी व अन्य समारोह के साथ नाइट कर्फ़्यू लगाने को लेकर अभी सरकार ने कोई फैसला नहीं लिया है लेकिन आने वाले एक दो दिन में इस पर बड़ा फैसला लिया जा सकता है। डॉक्टर्स के साथ मीटिंग करते हुए मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि भविष्य में ऑक्सीजन, बैड की जरूरतों को लेकर पूरी तैयारी करने के आदेश दे दिए है। सीएम ने अधिकारियों से ओमिक्रॉन के खतरे को लेकर रिपोर्ट देने के लिए कहा है।
सीएम ने कोरोना के बढ़ते मामले को लेकर कहा कि पिछले कुछ समय से लापरवाही ज्यादा बढ़ गई है। इसमें हम राजनीतिक दलों की भी बड़ी गलती है। चुनावों के कारण इसमें भाग लेना पड़ता है और लेकिन अब हम इस प्रकार की गलतियां नहीं करेंगे। वैक्सीनेशन अभियान की जिम्मेदारी अब केंद्र से ज्यादा हमारी है। कई जिलों में 100 प्रतिशत वैक्सीन होने की बात भी बतायी। अगर सरकार अभी भी सख्त कदम नहीं उठाती है तो प्रदेश को फिर से दूसरी लहर जैसे हालात देखने पड़ सकते हैं।
