दिल्ली दंगो से जुड़े मामले में जवाहरलाल नेहरु यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद की जमानत याचिका को ख़ारिज कर दिया गया हैं, वहीं बीजेपी नेता कपिल मिश्रा ने कहा कि उमर खालिद दिल्ली में दंगों और मासूमों की हत्याओं का गुनहगार है. ताहिर हुसैन और उमर खालिद जैसे जिहादी, कानून के शिकंजे से बच नहीं सकते हैं. आज दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले का मैं स्वागत करता हूं.
Aamir Khan एक बार फिर सवालों के घेरे में
आपको बता दें कि उमर खालिद के खिलाफ गैर कानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम के तहत दर्ज मामले में जमानत देने से इनकार कर दिया हैं. न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल और रजनीश भटनागर ने कहा की, जमानत अर्जी में कोई भी ठोस कारण नहीं दिए गये इसलिए जमानत अर्जी खारिज कर दी गयी। वहीँ उमर खालिद ने जमानत अर्जी में कहा कि दिल्ली में हुए इस घटना में कोई भी आपराधिक भूमिका नहीं थी और ना ही उनका अन्य आरोपियों से कोई संपर्क था लेकिन दिल्ली पुलिस ने जमानत अर्जी का विरोध किया।
आइये बताते हैं क्या हैं उमर खालिद का मामला –नागरिकता संशोधित कानून और राष्ट्रीय नागरिक पंजीकरण के विरोध में हुए प्रदर्शनों के दौरान 53 लोगों की मौत हो गयी थी, जबकि 700 से ज्यादा लोग घायल हो गये, वहीँ फरवरी 2020 में भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत उमर खालिद ,शज्रील इमाम और अन्य कई साथियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया.
