Monday, 5 October 2026
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इस महिला ने तीसरी बार मोहम्मद से किया निकाह, फिर बना दिया पैगंबर

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इस महिला ने तीसरी बार मोहम्मद से किया निकाह, फिर बना दिया पैगंबर

प्राचीन कहावत के अनुसार किसी भी सफल व्यक्ति के पीछे एक महिला का हाथ जरूर होता है और यह बात आज से नहीं कई सालों से चली आ रही है। आज ईद का पर्व है और पूरी दुनिया में इस पर्व को बड़ी धुमधाम के साथ मनाया जा रहा है लेकिन बहुत कम लोग इस बात को जानते है कि पैगंबर मोहम्मद कैसे इस्लाम की गुरू या भगवान बने।

इस्लाम धर्म के भगवान पैंगबर मोहम्मद साहब और उनकी पत्नी खदीजा का रिश्ता बहुत ही अच्छा रहा है और इसी वजह से आज भी उनको याद किया जाता है। मक्का में खदीजा का जन्म कुरायश कबीले के एक समृद्ध व्यापारी के घर में हुआ था। पिता की मौत के बाद खदीजा ने सारा कारोबार खुद संभाला। इसके बाद उसने दो शादियां की लेकिन दोनों पतियों की मौत हो गई और इसके बाद तीसरी शादी मोहम्मद से रचाई।

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खदीजा ने मोहम्मद की ईमानदारी को देखकर उन्हें अपने साथ रख लिया और इसके बाद एक दोस्त के जरिए खुद ही निकाह का प्रस्ताव भेजा। खदीजा की उम्र 40 साल थी और मोहम्मद की उम्र 25 लेकिन प्रेम में उम्र कभी आड़े नहीं आई और दोनों ने शादी कर ली। 

कहा जाता है कि मोहम्मद को पैगंबर बनाने में खदीजा की सबसे बड़ी भूमिका थी। जब मोहम्मद के सामने पहली बार फरिश्ते जिब्राइल आए और उन्हें कुरान की शिक्षा दी तो किसी को विश्वास नहीं हुआ। खदीजा ने पहली बार मोहम्मद को आखिरी पैगंबर के तौर पर स्वीकार किया और अल्लाह के संदेश को मानने का फैसला किया। इसके बाद इस्लाम पूरी दुनिया में तेजी से फैलने लगा और खदीजा ने आर्थिक मदद करके पैगंबर मोहम्मद का हौसला बढ़ाया। 


खदीजा को पहली मुस्लिम महिला भी कहा जाता है पैंगबर की मौत के जो विवाद हुआ उसको भी शांत करवाया। पैंगंबर मोहम्मद की पत्नी खदीजा को तो इस्लाम की पहली फेमिनिस्ट तक कहा जाता है। खदीजा ने दुनिया को अलविदा कहा तो पैगंबर मोहम्मद ने मानव के इतिहास में चार सबसे महान महिलाएं थीं। जिसमें उनकी पत्नी खदीजा बिंत ख्वायलिद, फातिमा (बेटी) मैरी बिंत इमरान और आशिया बिंत मुजाहिम का नाम शामिल है।