Sunday, 4 October 2026
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भारत में घटी प्रजनन दर, इस धर्म में पैदा हुए ज्यादा बच्चे!

रेसिपी
भारत में घटी प्रजनन दर, इस धर्म में पैदा हुए ज्यादा बच्चे!

जनसंख्या बढ़ रही, घट रही है या स्थिर है इसको लेकर लोगों के मन में कई सवाल रहते हैं। नैशनल फैमिली हेल्थ सर्वे की एक ताजा रिपोर्ट में अब सामने आई है, इस रिपोर्ट के अनुसार देश में अब बच्चे पैदा होने की रफ्तार कम हुई है, यानि अब बच्चे कम पैदा हो रहे है, बच्चे पैदा करने की रफ्तार 2.2% से घटकर 2% रह गई है, NFHS की रिपोर्ट क्या कहती है देखिए हमारी ये खास रिपोर्ट।

नैशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-5 में देश के 28 राज्यों और 8 केंद्रशासित प्रदेशों के 707 जिलों से करीब 6.37 लाख सैंपल लिए गए है, जिसमें से ये रिपोर्ट तैयार की गई है, कि देश में बच्चे पैदा करने की रफ्तार 2.2% से घटकर 2% रह गई है। सभी धर्मों में पहले की तुलना में कम हुआ है। वहीं बेटियों को लेकर देश में धीरे ही सही लेकिन सोच बदल रही है। देश में दो बेटियों वाली 65 फीसदी महिलाएं ऐसी हैं जिन्हें बेटे की कोई ख्वाहिश नहीं है। 

इस सर्वें में यह भी सामने आया है कि मुसलमानों के अलावा अन्य सभी प्रमुख धार्मिक समूहों ने अब प्रतिस्थापन स्तर से नीचे का टीएफआर हासिल कर लिया है। वहीं सर्वे के प्रत्येक चरण में तेजी से गिरावट के बावजूद मुस्लिमों के बीच यह रेट थोड़ा अधिक है। एनएफएचएस के अब तक के पांच सर्वे में मुस्लिम टीएफआर में 46.5 फीसदी की गिरावट आई है, हिंदुओं में 41.2 फीसदी और ईसाइयों और सिखों के लिए लगभग एक तिहाई की गिरावट आई है। सर्वे में 35% पुरुषों का यह भी मानना है कि गर्भनिरोधक अपनाना महिलाओं का काम है। वहीं 5 राज्य ऐसे भी हैं जहां प्रजनन दर 2.1% से ज्यादा है वो हैं बिहार, मेघालय, उत्तर प्रदेश, झारखंड और मणिपुर।

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इस सर्वे की रिपोर्ट में ये भी पता चला है, कि राष्‍ट्रीय स्‍तर पर मोटापा बढ़कर करीब 24 प्रतिशत हो गया है। बढ़ते मोटापे के पीछे की वजह विलासिता भरी जिंदगी है। बता दें कि, इस सर्वे में 7,24,115 महिलाओं और 1,01,839 पुरुषों को शामिल किया गया था। वहीं NHFS-5 ने अपने सर्वें में यह भी बताया है कि संस्थागत जन्म भारत में 79 प्रतिशत से बढ़कर 89 प्रतिशत हो गए हैं, ग्रामीण क्षेत्रों में भी लगभग 87 प्रतिशत जन्म संस्थानों में दिया जाता है और शहरी क्षेत्रों में यह 94 प्रतिशत है।