Monday, 5 October 2026
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कृषि कानूनों को खत्म करने के साथ इन राज्यों में हुई बीजेपी की राह आसान

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कृषि कानूनों को खत्म करने के साथ इन राज्यों में हुई बीजेपी की राह आसान
कृषि कानूनों के खिलाफ एक साल से चल रहें आंदोलन को लेकर सभी पार्टियां किसानों के साथ खड़े होकर अपनी राजनीतिक रोटियां सेक रही थी। लेकिन पीएम मोदी ने किसानों से माफी मांगते हुए तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने का ऐलान करते ही किसानों से ज्यादा विपक्ष खुशी से झूम उठा। इस फैसले को लेकर राजनीति के जानकर इसे बीजेपी का सबसे बड़ा गेम प्लान बता रहे हैं और इसका असर आने वाले 5 राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव में देखने को मिलेगा।

पंजाब
कृषि कानूनों को लेकर पंजाब के किसान सबसे ज्यादा प्रदर्शन कर रहे थे और इस बार कांग्रेस के पूर्व सीएम अमंरिदर सिंह ने कांग्रेस को छोड़ते हुए कहा था कि वह किसानों के हक के लिए पीएम मोदी से बात करेंगे। इसके बाद कैप्टन दिल्ली जाकर पीएम से मिले और कहा कि बीजेपी किसानों के हित में फैसला करती है तो वह पंजाब में बीजेपी के साथ गठबंधन करेगी और सरकार बनाएगी। पंजाब में इस बार कांग्रेस के लिए आने वाले चुनाव आसान नहीं है क्योंकि पंजाब में कैप्टन के साथ बीजेपी और उनकी सहयोग अकाली दल भी जुड़ सकती है जो किसाना आंदोलन के कारण अलग हुई थी। कांग्रेस में अभी भी सीएम पद को लेकर जबरदस्त जंग चल रही है, इसका फायदा बीजेपी के साथ कैप्टन और अकाली दल उठाएंगा। पंजाब में पहले किसानों की मांगों को लेकर चुनावी रोटियां सेकी जा रही थी लेकिन अब उनके पास किसानों को लेकर कोई मुद्दा नहीं बचा है।
यूपी
कृषि कानूनों को लेकर समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोक दल ने गठबंधन करके किसानों के लिये लड़ने का ऐलान किया था। लेकिन अब तीनों कानूनों को रद्द करने से भाजपा नेताओं में जबरदस्त उत्साह दिख रहा है और उनके पास मौका है वह यूपी फिर से योगी सरकार बना सके। ​कृषि कानूनों को लेकर सबसे ज्यादा आंदोलन यूपी में हो रहा था यहां से आने वाले किसान नेता बीजेपी को विरोध कर रहे थे लेकिन इस फैसले के बाद वह भी पीएम मोदी का स्वागत कर रहे हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इसका सबसे ज्यादा असर था और अब बीजेपी इस क्षेत्र में अपना वोट बैंक बढ़ाने का प्रयास करेगी।
हरियाणा 
हरियाणा में इन कानूनों के विरोध में प्रदर्शन हुआ तो किसानों ने खाफ पंचायते बुलाकर बीजेपी नेताओं का विरोध करना शुरू कर दिया था। इस दौरान ​राज्य के सीएम को भी किसानों के विरोध का सामना करना पड़ा था। इस राज्य के किसान दिल्ली की अलग-अलग सरहदों पर आकर डट गए थे। इन कानूनों के कारण भाजपा के लिए आने वाले चुनाव बड़ी मुसीबत बन गए थे लेकिन अब उनके लिए यह राह आसान होती दिख रही है।