केंद्र सरकार ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया को 5 साल के लिए बैन कर दिया। इस खबर को लेकर पहले ही चर्चा तेज हो गई थी और आज सुबह मोदी सरकार ने उस चर्चा पर मुहर लगा दी। च्थ्प् के अलावा उससे जुड़े हुए 8 संगठनों पर कार्रवाई की गई है। गृह मंत्रालय के अनुसार इन संगठनों का संबंध आंतकी गतिविधियों से जुड़ा पाया गया है। सरकार ने कहा इन सभी संगठनों की गतिविधियां देश की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बताया जा रहा है।
एनआईए और राज्यों की पुलिस ने 27 सितंबर की रात को उससे जुड़े संगठनों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की थी। छापेमारी में 100 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया था। 27 सितंबर को दूसरे राउंड की छापेमारी में 250 लोग गिरफ्तार हुए थे।
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जांच एजेंसियों को च्थ्प् के खिलाफ पर्याप्त सबूत मिले और इसी आधार पर इनको बैन किया गया है। PFI ने प्रधानमंत्री की रैली में हमले की साजिश भी रची थी। यह संगठन लंबे समय से भारत में आंतकी गतिविधियों को अंजाम देने में लगा हुआ था और इसी वजह उसके खिलाफ इतने सबूत मिले है कि कोर्ट से भी इनको राहत नहीं मिलेगी।
PFI जुड़े इन संगठनों पर भी लगाया गया प्रतिबंध
1ऑल इंडिया इमाम काउंसिल
2 कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया
3 रिहैब इंडिया फाउंडेशन
4 नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स ऑर्गनाइजेशन
5एम्पावर इंडिया फाउंडेशन
6 जूनियर फ्रंट
7 नेशनल विमेन्स फ्रंट
8 रिहैब फाउंडेशन
